एटा। केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके तहत सरकार ने नव साक्षरता कार्यक्रम चलाया। कार्यक्रम के तहत जिले में 5584 लोगों को इसके तहत चिह्नित किया गया। 19 मार्च को 5489 ने परीक्षा दी। बुधवार को परिणाम आया जिसमें 1089 लोग फेल हो गए।साक्षरता के शत-प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ने प्रौढ़ शिक्षा के नाम से चल रही योजना का विस्तार किया। जहां 15 साल की उम्र के ऊपर के सभी लोगों को शिक्षा देने की बात कही गई। योजना के तहत ऐसे लोगों को साक्षर करने को कहा गया। जो अनपढ़ रहे हों, कभी विद्यालय न गए हों। योजना के तहत जिले में अभियान चलाकर 5584 लोगों को चिह्नित किया गया।
शिक्षकों द्वारा अलग से कक्षाएं लगाकर उनको जानकारी दी गई। अक्षरों का ज्ञान कराया गया। 19 मार्च को कार्यक्रम के तहत परीक्षा आयोजित की गई। जिले में 668 केंद्रों पर 5489 लोगों ने परीक्षा दी। बुधवार को इसका परिणाम आया तो सिर्फ 4400 लोगों ने परीक्षा पास की। जबकि 1089 लोग फेल हो गए। कार्यक्रम के जिला समन्वयक अवनीश शुक्ला ने बताया कि साक्षरता परीक्षा का परिणाम आ गया है। उत्तीर्ण लोगों को साक्षर माना जाएगा। जबकि अनुत्तीर्ण लोगों को तैयार करा फिर परीक्षा दिलाई जाएगी।