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सलेमपुर ओवरब्रिज पर हुआ हादसा, मेडिकल कॉलेज गोरखपुर जाते समय एक युवक की हुई मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। सलेमपुर ओवरब्रिज पर दो बाइकों की भिड़ंत हो गई। इसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दूसरी बाइक पर सवार एक युवक को हल्की चोट आई। आसपास के लोगों ने दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद एक युवक को मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में युवक की हालत गंभीर देखकर देर रात को चिकित्सकों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। वहां ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
कुशीनगर जनपद के तरया सुजान थाना क्षेत्र के तमुकही मोड़ निवासी विशाल वर्मा (32) पुत्र रामानंद वर्मा नगर के वार्ड नंबर पांच में किराए के मकान में रहते थे। वह नगर के एक स्वर्ण व्यवसायी की दुकान पर कारीगर थे। बृहस्पतिवार को साप्ताहिक बंदी के चलते विशाल सुबह से बाजार नहीं गए थे। देर शाम को घर का सामान लेने के लिए बाइक लेकर बाजार के लिए निकले। अभी वह ओवरब्रिज पर पहुंचे था कि सामने से आ रही तेज रफ्तार एक बाइक अनियंत्रित होकर उनकी बाइक से भिड़ गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार विशाल सड़क किनारे गिर पड़े। आनन-फानन राहगीरों ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने हालत गंभीर देखकर मेडिकल कॉलेज, देवरिया रेफर कर दिया। लेकिन, विशााल की हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। गोरखपुर जाते समय रास्ते में विशाल ने दम तोड़ दिया, लेकिन परिजन संतुष्टि के लिए मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी होते ही परिवार में मातम छा गया। पत्नी रानी वर्मा, बेटा वीर, बेटी धंजी व महालक्ष्मी का रो-रो कर बुरा हाल है। शव परिजन अपने गांव लेकर चले गए। उधर, दूसरी बाइक पर सवार वार्ड नंबर पांच हरैया लाला निवासी दिलीप कुमार (24) पुत्र दीनानाथ को हल्की चोट आई। उसका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया।
सीओ दीपक शुक्ला ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक की मौत की सूचना मिली है। तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
बेटा और बेटी की पढ़ाई के लिए कल ही कराया था एडमिशन
सलेमपुर। विशाल वर्मा रोजी-रोटी के तलाश में करीब सात वर्ष पूर्व सलेमपुर पहुंचे। अपनी पत्नी रानी वर्मा के साथ एक किराए के मकान में रहकर नगर के एक स्वर्ण व्यवसायी की दुकान पर काम करने लगे। विशाल की तीन संतानों में बेटा वीर, बेटी धंजी व महालक्ष्मी हैं। वह बेटा और बेटी को अच्छे स्कूल में पढ़ाना चाहते थे। बृहस्पतिवार को साप्ताहिक बंदी मिलने के बाद विशाल अपने बेटा वीर और बेटी धंजी का हरैया स्थित एक निजी स्कूल में नामांकन कराकर बढ़िया से पढ़ाई करने की सलाह दी। अभी बच्चे स्कूल भी नहीं गए, तब तक विशाल की मौत की खबर मिल गई।