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विदेशभेजने में ठगी : घर के हुए न घाट, जांच के इंतजार में रेलवे स्टेशन पर बिता रहे रात

Thu, 29 Feb 2024 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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ठगे जाने वालों में बिहार, नेपाल और झारखंड के बेरोजगार भी, देवरिया में तीन दिन से डाला है डेरा
डीएम ने संचालक व ठग के विरुद्ध केस दर्ज करते हुए ताला खोलवाकर पासपोर्ट दिलाने का भरोसा दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। देवरिया और आसपास के कुशीनगर, महराजगंज नहीं बल्कि विदेश भेजने के मामले में बिहार, झारखंड और नेपाल के बेरोजगार भी ठगी के शिकार हो गए हैं।
पगरा की ट्रेवेल्स एजेंसी के बाद शहर के सीसीरोड की ट्रेवेल्स एजेंसी के जरिए हुई ठगी ने पुलिस के भी कान खड़े कर दिए हैं। इसमें 80 लोगों ने शहर में डेरा डाल लिया है। विदेश में कमाने की कोशिश में जिन लोगों ने रुपये जमा कर दिया है और फ्लाइट से पहले टिकट कैंसल गया है। वे अब घर के हुए न घाट के...। ऐसे युवा रेलवे स्टेशन सहित अन्य स्थानों पर रात बिता रहे हैं। कभी लिट्टी-चोखा रहे हैं तो कभी समोसे से भूख मिटा रहे हैं। उनकी पुलिस से उम्मीद है कि आरोपियों को पकड़ लें और उनकी डूबी हुई रकम वापस मिल जाए।
शहर के सीसी रोड स्थित छोटा हनुमान मंदिर के आसपास संचालित मरहबा ट्रेवेल्स एजेंसी ने करीब 80 युवकों को अपना शिकार बना लिया। वे जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह से मुलाकात करने कलक्ट्रेट पहुंचे तो आपबीती सुनाते हुए उनकी आंखें डबडबा गईं।
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ठगे गए बेरोजगारों ने बताया कि विदेश भेजने के नाम पर युवकों को एक्सपायरी विजिट वीजा देते हुए संचालक व दिल्ली हेड ऑफिस में बैठे ठग फरार हो गए। युवकों के हंगामे के बाद हेड ऑफिस में पुलिस ने ताला जड़ दिया। इसके बाद युवक देवरिया पहुंचे तो यहां ऑफिस बंद मिला। युवकों ने हंगामा किया तो पुलिस पहुंची परंतु कोई फायदा नहीं हुआ। न ही संचालक की गिरफ्तारी हुई और न ही ऑफिस में मौजूद उनका पासपोर्ट मिला।
जिले के युवक तो अगले दिन आनी बात कहकर घर चले गए परंतु बिहार, नेपाल व झारखंड के करीब एक दर्जन युवक शहर में होटल लेकर तो कोई ने रेलवे स्टेशन पहुंचकर रात गुजारी। ठगी के शिकार युवकों ने दूसरे दिन कोतवाली फिर डीएम कार्यालय पहुंच प्रदर्शन किया। इस दौरान एएसडीएम को आवेदन भी दिया और एजेंसी में मौजूद पासपोर्ट उपलब्ध कराने की बात कही। तीसरे दिन युवक फिर कोतवाल के पास पहुंचे और एजेंसी का ताला खुलवा उनका पासपोर्ट उन्हें मुहैया कराने की मांग की। परंतु कोतवाल द्वारा कोई पहल नहीं की गई। इसके बाद ठगी के शिकार सभी युवक कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम से मिल अपनी बात रखी। इस पर डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लिया और केस दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। डीएम ने एजेंसी खोलवाकर सभी का पासपोर्ट उपलब्ध कराने की बात कही। इस दौरान एसपी भी मौजूद रहे।

चार दिन तो कोई तीन से भटक रहे शहर में
ठगी के शिकार युवकों में शामिल झारखंड के संतोष राम ने कहा कि दिल्ली से वे 26 फरवरी को देवरिया आए। कुछ पैसे लेकर घर से निकले थे जो दिल्ली में दो दिन रुकने पर खत्म हो गए। कुछ पैसे हैं जिससे सुबह व शाम का भोजन कर ले रहा हूं। रात रेलवे स्टेशन परिसर में गुजार रहा हूं। जब तक पासपोर्ट मिल नहीं जाता तब तक घर नहीं जाउंगा।
इसी तरह मोतिहारी जिला निवासी अरव अली ने कहा कि 22 को घर से निकला हूं। 23 व 24 को दिल्ली में रहे। 25 को देवरिया पहुंचे। पासपोर्ट मिलने की आस में रुके हैं। तीन दिन से पुलिस का चक्कर लगा रहे है। पहले दो दिन होटल में रुके। अब रेलवे स्टेशन पर रात गुजारने के लिए विवश हैं।
बिहार के समीपवर्ती जिला गोपालगंज निवासी युवक ने बताया कि 19 फरवरी को वह दिल्ली गया। 24 को देवरिया पहुंचा। घर की दूरी ज्यादा नहीं है परंतु पासपोर्ट मिलने के बाद ही घर जाएंगे।
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पीड़ित युवकों ने पुलिस प्रशासन पर मदद न करने की कही बात
ठगी के शिकार युवकों ने एक स्वर में इस मामले में कोतवाली पुलिस द्वारा सहयोग नहीं करने की बात कही है। युवकों का कहना है कि पहले दिन ही हमसभी के द्वारा संचालक व केंद्र पर मौजूद कर्मियों के नाम व पता पुलिस को मुहैया कराया, परंतु पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एजेंसी में मौजूद पासपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए पुलिस से कहा जा रहा है। परंतु पुलिस सिर्फ हाथ पर हाथ धरी बैठी है। कार्रवाई करने का आश्वासन दे रही है।
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