देवरिया। रामपुर कारखाना नगर पंचायत के मस्जिद वार्ड में रविवार की सुबह छत पर टहल रहे युवक को बंदरों ने दौड़ा लिया। अचानक बंदरों के हमले से हड़बड़ाया युवक बचने के लिए छत से नीचे कूद गया। गंभीर रूप से घायल हालत में परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
नगर पंचायत रामपुर कारखाना के मस्जिद वार्ड निवासी साहिल अंसारी (18) रविवार सुबह करीब नौ बजे मकान की छत पर बैठे थे। इसी बीच काले रंग के बंदरों का झुंड छत पर आ गया और साहिल को दौड़ा लिया। घबराकर वह सीढ़ी की ओर भागा, लेकिन बंदर उधर मुड़ गए। यह देख बचने के लिए वह छत से नीचे कूद गया, जिससे उसे गंभीर चोट आई और सिर फट गया। परिजन घायल युवक को लेकर इलाज कराने मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। साहिल दो बहनों में इकलौता भाई था। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। मौत की जानकारी मिलते ही मां शहीदून निशा, बहन आबिदा और अमीना दहाड़े मार कर रोने लगीं। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराए बिना ही शव को कब्रिस्तान में दफन कर दिया।
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बंदरों के हमले से दो की जा चुकी है जान, कई हो चुके हैं घायल
देवरिया। बंदर के हमले की घटनाएं आए दिन घटना हो रही हैं। सितंबर माह में ही महुआडीह थाना क्षेत्र के सवरेजी गांव निवासी राजकुमार कुशीनगर जनपद के परसौना गांव स्थित अपनी ससुराल से सास सिंहारी देवी को लेकर आ रहे थे। इसी बीच बंदर बाइक पर कूद गया, जिससे सिंहारी देवी घायल हो गईं और मेडिकल कॉलेज में उनकी मौत हो गई। वहीं, राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। करीब एक साल पहले तरकुलवा थाना क्षेत्र निवासी एक गांव में महिला छत पर कपड़ा सुखाने गई थी। बंदर ने धक्का दे दिया था, जिससे गिरकर महिला की मौत हो गई थी।
महुआडीह थाना क्षेत्र के जिगनी बाजार गांव में बंदरों का उत्पात खूब है। गांव में दस से अधिक लोगों को वह घायल कर चुके हैं। बंदरों के हमले से बंधन प्रसाद, बुधई, कमलेश, सुनीता देवी, मीरा देवी, सुरसती देवी सहित दस से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। सलेमपुर रेलवे स्टेशन पर बंदर डेरा डाले हुए हैं। हालांकि, ये यात्रियों को काटते तो नहीं हैं लेकिन उनके पास मौजूद खाने-पीने वाले झोलों को छीन कर भाग जाते हैं। जिससे यात्री दहशत में रहते हैं। कुछ दिन पहले सलेमपुर-पयासी मार्ग पर एक बंदर ने छह लोगों को काट कर जख्मी चुका है। इसके अलावा चेरो, बरठी, बरठा बाबू, गहिला आदि गांवों में बंदरों का आतंक है।
घायल होकर पहुंच रहे अस्पताल
- बंदर के हमले से घायल लोग मेडिकल कॉलेज और सीएचसी, पीएचसी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। हालत यह है कि जुलाई और अगस्त माह में हर रोज दस से पंद्रह लोगों को बंदरों घायल किया है, जहां रैबीज का इंजेक्शन लगा और उनका उपचार किया गया है। इसमें कई ऐसे लोग हैं जो गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।
बंदर के कूदने से पलट चुका है टेंपो, घायल हो गए थे चार लोग
देवरिया। देवरिया-कसया मार्ग पर रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र दुर्गा मंदिर के पास फरवरी माह में सवारी लेकर जा रहे टेंपो पर एक बंदर कूद गया था, जिससे टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गया। इससे उसमें सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। संवाद
नगर निकाय और गांवों में ग्राम पंचायत बंदर पकड़ने का काम करती है। इनके सहयोग में विभाग रहता है। संसाधन हम उपलब्ध करा देते हैं। बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ दिया जाता है। खाने-पीने की चीज वहां नहीं मिलने पर ये दोबारा आबादी की तरफ चले आते हैं।
- अनुपम मौर्या, वन क्षेत्राधिकारी