बरहज। नागपंचमी पर्व पर सोमवार को सुबह से ही नाग देवता के पूजा-अर्चन को लेकर विशेष तैयारियां थीं। लोगों ने दूध-लावा चढ़ाकर पूजा की। वहीं बहनों ने तालाब के निकट पूजा-अर्चन करते हुए प्रसाद वितरित किया। जबकि झूले पर कजरी गीत भी गाया। पूरे दिन त्योहार का उमंग छाया रहा।
त्योहार के दिन लोग घरों की साफ-सफाई कर गाय के गोबर से घरों की घेराबंदी की। वहीं गोबर से ही नागदेवता और भंडार गृह का चित्र उकेरा। लोगों ने दूध और लावा चढ़ाने के साथ देवस्थलियों पर भी पूजा-अर्चन किया। जबकि घरों में पकवान बनाए गए थे। बच्चे, महिलाओं और युवतियों ने झूले का आनंद उठाते हुए कजरी गीत गाया। नए परिधानों में बहनों ने प्रसाद आदि के साथ तालाबों पर पहुंच पूजा-अर्चन करते हुए प्रसाद वितरित किया। त्योहार पर नगर के सरयू तट सहित भलुअनी, मगहरा, करुअना, सोनाड़ी, वीरपुर मिश्र, गड़ेर, कपरवार, बरांव, देवपार आदि जगहों के पोखरों पर पूजा-अर्चन के लिए महिलाओं-बच्चों की भीड़ रही।