चकिया कोठी स्थित स्याही नदी पर बन रहे पुल का मामला
भिंगारी-भवानी छापर मुख्य मार्ग पर चकिया कोठी के पास स्याही नदी पर स्थित है
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। क्षेत्र के भिंगारी-भवानी छापर मुख्य मार्ग पर चकिया कोठी के पास स्याही नदी पर स्थित पुल तोड़े जाने के आठ माह बाद रविवार को उसका ढलाई का काम पूरा हो गया। भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री की विशेष पहल पर हरकत में आए विभाग ने पुल निर्माण कार्य को अंतिम रूप देने के लिए प्रयास तेज कर दिया है। वहीं क्षेत्रीय लोग भी अब जल्द ही आवागमन बहाल होने की उम्मीद पाले हुए हैं।
भिंगारी बाजार-भवानी छापर मुख्य मार्ग पर चकिया कोठी के पास स्याही नदी पर ब्रिटिश हुकूमत के जमाने का बना पुल आठ माह पहले विभाग ने नव निर्माण के लिए तोड़ दिया था। विभागीय लापरवाही के चलते पुल तोड़े जाने के कई माह बाद भी उसका निर्माण शुरू नहीं हो सका। जब निर्माण शुरू हुआ तो धीमी गति से चल रहा था। इसे लेकर क्षेत्रीय लोगों का आक्रोश बढ़ने लगा था। लोग तमाम जनप्रतिनिधियों से भी उम्मीदें पाले हुए थे, लेकिन किसी ने कोई पहल नहीं की। इसके चलते क्षेत्रीय लोग पुल निर्माण में हो रहे विलंब से उत्पन्न आवागमन की समस्या को लेकर आंदोलन की रणनीति बना रहे थे। सहायक अभियंता पीपी सिंह ने बताया कि पुल की ढलाई के कुछ दिनों बाद पैदल सवारों सहित दोपहिया वाहनों का आवागमन चालू कर दिया जाएगा। जबकि भारी वाहनों सहित अन्य चारपहिया वाहनों के लिए बगल से होकर बनाई गई बाईपास सड़क को सुविधाजनक तरीके से दुरुस्त किया जाएगा।