एमसीएच विंग में महिला अस्पताल शिफ्ट करने की कवायद
एसएनसीयू तीसरी मंजिल पर स्थापित, प्रथम तल पर लेबर रूम तैयार करने का चल रहा कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला महिला अस्पताल को एमसीएच विंग में शिफ्ट करने की कवायद तेज कर दी गई है। एसएनसीयू स्थापित कर दी गई है। इससे बच्चों की माताओं को आराम करने के लिए भी पर्याप्त बेड हैं। वहीं, लेबर रूम आदि का कार्य भी चल रहा है। महिला अस्पताल पूरी तरह शिफ्ट हो जाने पर एक छत के नीचे ही सभी सुविधा उपलब्ध होगी। हालांकि, इसमें अभी तकरीबन पंद्रह दिन का समय लग सकता है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला महिला अस्पताल में जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा बिहार प्रांत के सीमावर्ती गांवों की महिलाएं आती हैं। ओपीडी में हर रोज करीब दो सौ से अधिक महिलाएं पहुंचती हैं। वहीं, गर्भवती प्रसव के लिए आती हैं। अस्पताल में तरकीबन 81 बेड हैं। वहीं, गर्भवती को अस्पताल गेट से लेबर रूम तक जाने में दूरी तय करनी पड़ती है। एसएनसीयू में जगह कम होने दिक्कत होती थी। इसे देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन के निर्देश पर महिला अस्पताल को एमसीएच विंग में शिफ्ट करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
सबसे पहले एमसीएच विंग के तृतीय तल पर एसएनसीयू को शिफ्ट कर दिया गया है। यहां पर्याप्त स्थान है। आमने-सामने दो वार्डों में बीस बेड की व्यवस्था की गई है। आने वाले समय में करीब दस बजे बढ़ाए जाने की संभावना है। दोनों वार्डों के बीच में स्टाफ नर्स को बैठने की व्यवस्था है। ताकि भर्ती बच्चों की निगरानी में उन्हें आसानी रहे। वहीं, चिकित्सक के लिए स्थान निर्धारित है। इसके अलावा तकरीबन दस बेड का केएसी वार्ड है। वहीं बच्चों के लिए फीडिंग रूम बनाया गया है, जहां महिलाएं बच्चों को दूध पिलाएंगी। इसके अलावा भर्ती बच्चों की मां के रहने के लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं, जिसमें बेड लगाए गए हैं।
यहां एक डाटा ऑपरेटर कक्ष भी बना है। इसमें बीमार बच्चों के एडमिशन, रेफर, लामा सहित अन्य आंकड़ा फीड किया जाएगा। वहीं भूमि तल पर इमरजेंसी लेबर रूम तैयार हो गया है। जबकि प्रथम तल पर स्थापित होने वाले मेन लेबर रूम को तैयार करने का कार्य चल रहा है। यह दो से तीन दिन के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। जबकि ओटी तैयार होने में अभी समय लगेगा। एमसीएच विंग में पूरी तरह स्थापित होने के बाद महिलाओं व तीमारदारों को सहूलियत होगी।
एसएनसीयू के प्रभारी डॉ. संतोष यादव ने बताया कि एमसीएच विंग में एसएनसीयू स्थापित कर दी गई है। यहां सभी सुविधाएं हैं। मरीजों के इलाज में आसानी तथा बच्चों की माता के लिए भी सुविधा उपलब्ध है।
ये सुविधाएं उपलब्ध होंगी
एसएनसीयू में नेबूलाइजर, वारमर, फोटोथेरेपी, सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई, ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर, दो वेंटीलेटर आदि सुविधाए हैं।
कोट
महिला अस्पताल को एमसीएच विंग में शिफ्ट करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। पूरी तरह शिफ्ट हो जाने के बाद मरीजों को ओपीडी से लेकर इलाज की अन्य सभी सुविधाएं एक छत के नीचे उपलब्ध होंगी। अब मरीजों को लेबर रूम तक लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। वहीं, अन्य सुविधाएं भी आसानी से उपलब्ध हो जाएंगी।
-डॉ. एचके मिश्रा, चिकित्सा अधीक्षक