उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रती महिलाओं ने छठ व्रत की पूर्णाहुति दी। सुबह जैसे ही भगवान भास्कर के दर्शन हुए घाटों पर उमड़े लोगों ने आतिशबाजी शुरू कर दी। उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रती महिलाओं ने छठ व्रत की पूर्णाहुति दी। सुबह जैसे ही भगवान भास्कर के दर्शन हुए घाटों पर उमड़े लोगों ने आतिशबाजी शुरू कर दी। इसके बाद लोगों ने व्रती महिलाओं को चाय और पानी पिलाया। इसके बाद महिलाएं गीत गाते हुए अपने घरों को चली गईं।रात से ही छठ घाटों पर महिलाएं जुटने लगीं। महिलाएं छठ मइया का पूजन कर पानी में चली गईं और हाथ जोड़कर भगवान भास्कर के उदय होने का इंतजार करने लगीं। कोहरे के कारण सूर्यदेव का दर्शन तो नहीं कर सकीं, लेकिन निर्धारित समय के बाद भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया गया। मौजूद लोग खुशी से झूम उठे। इसके बाद महिलाओं ने घाटों पर ही चाय और पानी ग्रहण किया। हालांकि तमाम व्रती महिलाओं ने घर जाकर ही पारण को विधिपूर्वक किया। शहर के हनुमान मंदिर, सोमनाथ मंदिर, देवरही मंदिर, हाथीकुंड पोखरा, बेरमहिया पोखरा, परमार्थी पोखरा, गायत्री मंदिर पोखरा, कुर्ना नाला आदि समेत सभी घाटों पर भक्तों की काफी भीड़ रही। इसके साथ ही गौरीबाजार, बैतालपुर, देसही देवरिया, रामपुर कारखाना, बघौचघाट, पथरदेवा, कंचनपुर, खुखुंदू और बैकुंठपुर क्षेत्रों में सूर्यषष्ठी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। व्रती महिलाएं परिवार के लोगों के साथ छठ मइया का गीत गाते हुए घाटों पर गईं और उगते सूर्यदेव को अर्घ्य देने के बाद वापस आईं।