- 14 से शुरू होकर 17 अप्रैल तक जगतबेला से मगहर के बीच होगा ऑटो ब्लॉक सिग्नलिंग का कार्य
- 30 ट्रेनों के निरस्त होने से इधर के यात्रियों की बढ़ गई है परेशानी, कई ने कराए टिकट कैंसिल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गोरखपुर-लखनऊ मार्ग पर इंटरलॉकिंग के कारण कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया है। इसके कारण जिले के यात्रियों को बस्ती और खलीलाबाद जाने के लिए रोडवेज बस और अन्य वाहनों से जाना पड़ रहा है। ट्रेन की अपेक्षा बसों का किराया अधिक होने से यात्रियों की जेब पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है।
रेलवे प्रशासन ने गोरखपुर-गोंडा खंड के जगतबेला-सहजनवा-मगहर स्टेशनों के मध्य ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम के लिए नाॅन इंटरलाॅकिंग कार्य 14 से 17 अप्रैल के बीच कराने का निर्णय लिया है। इस वजह से 30 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। देवरिया सदर, भटनी जंक्शन से होकर जाने वाले वैशाली एक्सप्रेस, बाघ एक्सप्रेस, छपरा-मथुरा एक्सप्रेस, शहीद एक्सप्रेस, अमरनाथ एक्सप्रेस, लखनऊ-बरौली आदि ट्रेनें इससे प्रभावित हुई हैं।
ऐसे में जिले से जो लोग संतकबीरनगर, बस्ती जा रहे हैं उन्हें और उधर से लंबी दूरी की यात्रा कर जो यात्री जनपद में उतर रहे हैं, उनकी दिक्कतें बढ़ गई हैं। वह यात्री जो गोरखपुर से लखनऊ तक की यात्रा वाया बस्ती होकर जाने का प्लान बना चुके थे, कई ने अपने टिकट कैंसिल करा दिए हैं। ऐसे यात्रियों के लिए अब रोडवेज की बसें की सुलभ साधन हैं। हालांकि ट्रेन की अपेक्षा बस का ज्यादा किराया इनकी जेब पर भारी पड़ रहा है।
ढाई से तीन गुना है बस का किराया
वर्तमान में देवरिया से खलीलाबाद का किराया 45 रुपये, सुपरफास्ट से 60 रुपये व बस्ती का 55 रुपये व सुपरफास्ट से 70 रुपये है, जबकि बस से देवरिया से खलीलाबाद का किराया 125 और बस्ती का 171 रुपये है। ऐसे में यहां से जाने वाले यात्रियों की जेब ढीली हो रही है।
बस और ट्रेन के किराए में ढाई से तीन गुना फर्क है। कई ट्रेनों के निरस्त होने या गोरखपुर जाकर ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को अधिक खर्च करना पड़ रहा है। जो लोग खलीलाबाद या बस्ती से देवरिया प्रतिदिन आते हैं, उनके लिए भी दिक्कत हो रही है।
-गरिमा पांडेय
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लगन शुरू होने वाला है। ऐसे में हर किसी को बाहर रिश्तेदारों के यहां वैवाहिक कार्यक्रम में जाना है। ऐसे समय में ट्रेनों के निरस्तीकरण और डाइवर्जन से खलीलाबाद, बस्ती जाने वाले यात्रियों की दिक्कतें बढ़ी हैं। बस का किराया ट्रेन की अपेक्षा काफी अधिक है।
-विकास यादव
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कई ट्रेनों के निरस्त होने से रविवार को बस्ती, खलीलाबाद जाने वालों की संख्या बढ़ गई है। सोमवार को बसों में इधर के और ज्यादा यात्रियों के आने की उम्मीद है। ट्रेनों की अपेक्षा बसों का किराया अधिक है, जो प्रति किमी के हिसाब से एवं अन्य कर जोड़़कर निर्धारित किया गया है। जिन यात्रियों को जरूरी कार्यवश बाहर जाना है वह अधिक किराया देकर भी जाएगा।
-राकेश पति त्रिपाठी, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी, देवरिया डिपो