पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने विभागीय परिसरों को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने के दिए निर्देश
- कहा-एक जुलाई से करें निर्देश का अनुपालन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सिंगल यूज प्लास्टिक की ब्रिक्री व उपयोग को लेकर आम लोग और व्यापारियों पर डंडा चलाने वाले अधिकारियों के लिए पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का निर्देश किसी नसीहत से कम नहीं है। मंत्रालय ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन का आम लोगों से पालन कराने के साथ सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर कहा है कि एक जुलाई से किसी भी विभागीय परिसर में प्रतिबंधित प्लास्टिक नहीं दिखाई देने चाहिए। जिला स्तरीय टास्क फोर्स को निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है।
नगर विकास विभाग उत्तर प्रदेश शासन की अधिसूचना के मुताबिक सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादन, भंडारण, उपयोग, परिवहन व क्रय-विक्रय पर राज्य में पूर्णतया प्रतिबंध लगाया गया है। केंद्र सरकार ने प्रतिबंध के अनुश्रवण के लिए पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्पेशल टास्क फोर्स जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसके अध्यक्ष कमश: मंडलायुक्त व जिलाधिकारी हैं। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी जगदीश आर ने बताया कि समस्त विभागों के अधिकारी निर्धारित सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादों पर विभागीय परिसर में प्रतिबंध लगावें। प्लास्टिक युक्त ईयर बड्स, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की डंडिया, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम की डंडिया, पोलीस्टाइरीन (थर्मोकोल) की सजावटी सामग्री, प्लेटे, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे जैसे कटलरी, मिठाई के डिब्बों के ईद-गिर्द लपेटने या पैक करने वाली फिल्में निमंत्रण कार्ड और सिंगरेट पैकेट, 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक या पीवीसी बैनर, स्ट्रिरर एवं अन्य प्लास्टिक उत्पाद आदि अपने विभागीय परिसर को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र घोषित किए जाने के लिए आवश्यक कार्रवाई कराते हुए कार्यालय को अवगत कराएंगे।