सरसों और अरहर की फसलों को भी हुआ नुकसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
बघौचघाट। शनिवार रात बूंदाबांदी और तेज हवा से किसानों के माथे पर चिंता बढ़ गई है। गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई है। वहीं आम की बौर भी गिर गई है। वहीं सरसों और अरहर की फसलों को भी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग की चेतावनी सही साबित हुई है। शनिवार रात में जिले में बूंदाबांदी व तेज हवा से फसलों को नुकसान हुआ है। अप्रैल माह में गेहूं की फसल कटने लगती है। मार्च के अंत तक फसल तैयार हो जाती है। अब गेहूं पकने लगे थे। फसल देखकर किसानों के चेहरे खिले थे कि इस साल अच्छा मौसम बना है। गेहूं की फसल में पैदावार अधिक होगी, लेकिन प्रकृति को कुछ और मंजूर था। देर रात अचानक मौसम बदला और हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे गेहूं, सरसों, मटर, अरहर की फसलें खेत में गिर गईं। वहीं आम के बौर बगीचों में टूटू-टूट कर जमीन पर बिखर गए। सुबह जब किसान खेतों में पहुंचे तो उनका सिर चकरा गया। उनके चेहरे मुरझा गए।
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गेहूं की फसल इस साल बहुत अच्छी थी, लेकिन अब जमीन गिर गई है, जिससे पैदावार कम हो जाएगी।
सुग्रीव कुशवाहा, किसान
गेहूं की अच्छी फसल आई थी। इस वर्ष अधिक पैदावार की उम्मीद थी, पर अब बारिश से जमीन पर गिर जाने से पैदावार कम हो जाएगी।
अरविंद तिवारी, किसान
गेहूं का जो पौधा हरा होगा, वह कुछ खड़ा हो जाएगा, लेकिन जो पकने को होगा, वह नहीं खड़ा होगा। इससे पैदावार में कमी आ जाएगी। मुट्ठी में अनाज अधिक होगा और वजन कम होगा। वहीं किसान आम की फसलों पर कीटनाशक का छिड़काव जरूर करें, नहीं तो बौर पर कीड़ों का प्रकोप तेजी से होगा।
रजनीश श्रीवास्तव, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र