- कौशल विकास के नाम पर मुनाफा कमा रही संस्थाएं, युवाओं को नहीं दिला पा रहीं रोजगार
- कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की मासिक समीक्षा में खुली पोल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार दिलाने का जिम्मा उठा रही संस्थाएं सिर्फ मुनाफा कमाने में जुटी हैं। युवाओं को जैसे-तैसे प्रशिक्षण प्रमाणपत्र तो दे दिया जा रहा है, लेकिन रोजगार दिलाने में आनाकानी की जा रही है। सोमवार को सीडीओ रवींद्र कुमार की अध्यक्षता में कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की मासिक समीक्षा बैठक में इसकी पोल खुली है।
सीडीओ ने बताया कि कौशल विकास मिशन लखनऊ की ओर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजनान्तर्गत जनपद में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए 15 संस्थाओं को 2534 लक्ष्य आवंटित किया गया है।
जिसमें सुमाठी कॉरपोरेट सर्विसेज लिमिटेड, गोरखपुर ने 100 युवाओं को पंजीकृत किया है। 25 युवाओं को रोजगार दिया है। बास नोलेज ग्रोथ इनिशिएटिव प्राइवेट लिमिटेड गोरखपुर ने 22 युवाओं को पंजीकृत किया है, इसमें किसी को रोजगार नहीं दिलाया गया। लकी स्टील फाल सिलिंग सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड कुशीनगर ने पंजीकृत 32 युवाओं के सापेक्ष 16 युवाओं को, सर्वदा श्रीजन शिक्षण एवं सेवा संस्थान, आईआईआरडी शिक्षण संस्थान वाराणसी ने पंजीकृत 105 युवाओं में शून्य को रोजगार दिया है। कार्य संतोषजनक नहीं होने के कारण सीडीओ ने संबंधित को निर्देशित किया कि शासन की ओर से दी गई धनराशि की वसूली करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इन संस्थाओं को तकनीकी के अनुसार प्रति प्रशिक्षु शासन से सहयोग राशि प्रदान की जाती है।