देवरिया। मनरेगा की रफ्तार जिले में बेहद सुस्त है। छोटे-छोटे कार्य जिन्हें 15 दिन से एक माह के भीतर पूरा होना चाहिए वे डेढ़ साल बीतने के बाद भी अधर में लटके हुए हैं।
चार सितंबर को सीडीओ की ओर से की गई समीक्षा में वित्तीय वर्ष 2021-22 के 7310 काम लटके मिले हैं। लार, भागलपुर, रुद्रपुर, बनकटा, गौरीबाजार समेत नौ ब्लाकों में कार्याें के प्रति जिम्मेदारों ने अधिक लापरवाही बरती है। ज्यादातर कार्य पौधारोपण से संबंधित हैं। विभिन्न जगहों पर पौधे लगवाने के लिए आनलाइन स्वीकृति तो ले ली गई लेकिन काम शुरू नहीं कराया गया। जिम्मेदार स्वीकृति लेने के बाद पौधे लगवाना भूल गए। इसी प्रकार पोखरे की सफाई, चकरोड निर्माण आदि कार्याें में सुस्ती बरती गई है। सीडीओ रवींद्र कुमार ने इन कार्यों को शीघ्र पूरा कराने का निर्देश संबंधित ब्लाक के अधिकारियों को दिया है।
इन ब्लाकों में अधूरे हैं इतने काम
ब्लाॅक - कार्य
लार - 859
भागलपुर - 815
रूद्रपुर - 585
बनकटा - 544
गौरीबाजार - 541
सलेमपुर - 532
बैतालपुर - 482
बरहज - 467
रामपुर कारखाना - 412
भटनी - 363
पथरदेवा - 362
भाटपाररानी - 357
देवरिया सदर - 294
देसही देवरिया - 287
भलुअनी - 216
तरकुलवा - 194
कुल - 7310
ज्यादातर कार्य अंतिम चरण में हैं। कई कार्यों का जिओ टैग न होने के चलते पोर्टल पर अधूरा शो कर रहा है। अधूरे कार्यों को पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। - आलोक पांडेय, डीसी मनरेगा।