विजय का नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज होने का कार्यक्रम दो दिन टला
बैठक में प्रधान के अनुपस्थित रहने पर एडीओ पंचायत ने लिया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। पिपरा देवराज गांव में पिता की मौत के बाद सरकारी कागजात में हेराफेरी कर बेटे को जायदाद से बेदखल करने के मामले में शनिवार को एडीओ पंचायत, सचिव और ग्राम पंचायत सदस्यों सहित ग्रामीणों की बैठक हुई। इसमें ग्राम प्रधान के अनुपस्थित रहने पर विजय का नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज नहीं हो सका। अधिकारियों ने सोमवार को दोबारा बैठक बुलाने की बात कहकर कार्यक्रम स्थगित कर दिया। मामले में ग्राम प्रधान सहित चार लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। कार्रवाई के बाद से आरोपी फरार चल रहे हैं।
भटनी के पिपरा देवराज गांव निवासी विजय प्रताप सिंह की माता ब्रिजवंती देवी और पिता रामअशीष उर्फ तूफानी की मौत हो चुकी है। पिता की मौत के बाद पट्टीदार ने लेखपाल और सचिव की मदद से वरासत पर धोखे से अपना नाम दर्ज करा लिया है। इसकी जानकारी मिलने के बाद विजय अपने मामा अक्षयवर व गांव के सहयोगियों के साथ घूम-घूम कर अफसरों को जिंदा होने का प्रमाण दे रहा है।
इसके अलावा क्षेत्र में हस्ताक्षर अभियान के तहत जनसमर्थन जुटाने में लगा है। मामले में उपजिलाधिकारी सलेमपुर ने लापरवाह लेखपाल अमजद अली को निलंबित कर विजय का नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज करने के लिए कहा है।
एसडीएम के आदेश पर एडीओ पंचायत सोमवार को पिपरा देवराज गांव पहुंचे। उन्होंने सचिव, ग्राम सदस्यों और ग्रामीणों के साथ बैठक कर विजय का नाम परिवार रजिस्टर में जोड़ने की बात कही। इसपर सभी लोगों ने एक सुर में नाम जोड़ने का समर्थन किया, लेकिन ग्राम प्रधान के अनुपस्थित रहने के चलते कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।
एडीओ पंचायत सुनील कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधान को बैठक में उपस्थित रहने को कहा गया था, लेकिन वे नहीं आए। सोमवार को दोबारा ग्राम सभा की बैठक बुलाई गई है। इसमें में प्रधान के अनुपस्थित रहने पर उन्हें गैरहाजिर मानकर सदस्यों की सहमति से विजय का नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज कर लिया जाएगा।