जिले के एक सरकारी स्कूल में प्रभारी प्रधानाचार्य खुद बैठकर मजदूरों की जगह बच्चों से बालू छनवाना और अन्य कार्य करवाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। वायरल वीडियो को संज्ञान में ले बीएसए ने इसकी जांच कराई।
जांच में वायरल वीडियो की घटना संविलियन विद्यालय कुशमौनी का निकला। इसके बाद बीएसए ने प्रभारी प्रधानाचार्य वशिष्ठ नारायण चौहान को निलंबित कर दिया। यही नहीं, निलंबन की अवधि में उनकों ब्लाक संसाधन केंद्र देवरिया सदर पर संबंद्ध कर दिया। इस प्रकरण की जांच के लिए बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी पथरदेवा को जांच अधिकारी नामित करते हुए 15 दिन के अंदर जांच आख्या देने का निर्देश दिया है।
देवरिया सदर प्रखंड के संविलियन विद्यालय कुशमौनी के संबंध में सोशल मीडिया में प्रसारित वीडियो के मामले में देवरिया सदर खंड शिक्षा अधिकारी ने 16 दिसंबर को प्रभारी प्रधानाचार्य वशिष्ठ नारायण चौहान को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
अगले दिन 17 दिसंबर को 09.50 बजे उक्त विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। वायरल वीडियो के संबंध में बैठक की। इसमें ग्राम प्रधान, एसएमसी अध्यक्ष एवं अभिभावकों को भी शामिल किया। बैठक में ग्राम प्रधान ने बताया गया कि इस वायरल वीडियो से मेरे गांव व विद्यालय की छवि धूमिल हुई है।
निरीक्षण के दौरान वायरल वीडियो के संबंध में उपस्थित छात्रों से पूछताछ की गई तो उन्होंने ऐसे वीडियो या ऐसी किसी जानकारी से इंकार कर दिया। स्कूल के अध्यापकों से पूछने पर उन्होंने बताया कि वीडियो की जानकारी नहीं है और वीडियो में दिखने वाले बच्चे भी स्कूल नहीं आए हैं।
इसपर उन बच्चों को घर से बुलवाकर वीडियो के संबंध में जानकारी ली गई। एक छात्र समीर पुत्र सलीम अंसारी निवासी बरवाडीह कक्षा-8 का छात्र और दूसरा शाहरूख पुत्र सलीम अंसारी वो भी कक्षा-8 का ही छात्र निकला। पूछने पर बच्चों ने बताया कि उक्त अध्यापक( वीडियो में दिखने वाले) के कहने पर वे बालू छानने का काम कर रहे थे।
इसी दौरान किसी ने चोरी से वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जांच टीम ने इस कृत्य को बेसिक शिक्षा विभाग की छवि धूमिल करने वाला बताते हुए अपनी रिपोर्ट सौंप दी। इसका संज्ञान लेकर बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने वशिष्ठ नारायण चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
साथ ही आदेश दिया कि निलंबन अवधि में ब्लाक संसाधन केंद्र देवरिया सदर पर संबंध भी कर दिया। इसके अलावा जांच के लिए पथरदेवा खंड शिक्षा अधिकारी गोपाल मिश्र को जांच अधिकारी नामित कर दिया और 15 दिन के अंदर जांच आख्या कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।