वाहन स्वामियों को नोटिस तामिल करा रही पुलिस, 1100 वाहनों की होगी व्यवस्था
लोकसभा चुनाव के लिए वाहनों का इंतजाम करने में लगा है परिवहन विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। यात्रियों के लिए पहले ही परेशानी कम नहीं थी। अब प्राइवेट वाहनों को भी लोकसभा चुनाव के दौरान रिजर्व में रखने की कवायद चल रही है। इससे 30 मई से लेकर दो जून तक यात्रा करने वाले लोगों दिक्कत होगी।
लोकसभा चुनाव के लिए एआरटीओ कार्यालय लोकसभा चुनाव के लिए वाहनों की व्यवस्था करने में जुटा हुआ है। जिले में करीब 1100 वाहनों की जिसमें 550 भारी वाहन व 550 हल्के वाहन की आवश्यकता होगी। पुलिस वाहन स्वामियों को गाड़ी चुनाव में भेजने के लिए नोटिस तामिल करा रही है। इसके लिए एआरटीओ की ओर से पुलिस चुनाव सेल को 3500 वाहन स्वामियों को नोटिस भेजा है। इसे थानों की पुलिस की ओर से वाहन स्वामी के घर भिजवाया जा रहा है।
जनपद में सातवें चरण में मतदान होगा। इसके लिए कुल 1575 पोलिंग केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 1514 पोलिंग बूथ है। यहां मतदानकर्मियों को ले जाने के लिए 550 भारी वाहन की आवश्यकता है। इसके अलावा सेक्टर मजिस्ट्रेट, पुलिस व लेखपाल के पेट्रोलिंग के लिए छोटे व मझोले 550 वाहनों की जरूरत है। विभाग की ओर से भारी व छोटे वाहनाें एक एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इसके लिए वाहन स्वामियों को चुनाव की तिथि में वाहन जिला मुख्यालय पर लाने और समय से विभाग को उपलब्ध कराने के लिए साढ़े तीन हजार वाहन स्वामियों को नोटिस तामिल कराया जा रहा है। बीट सिपाही वाहन स्वामियों को उनके घर जाकर नोटिस दे रहे हैं। दैनिक यात्री अशोक कुमार, सुनील तिवारी, जगमोहन, मीरा आदि ने बताया कि निजी वाहनों व अनुबंधित बसों के अधिग्रहण से जिला मुख्यालय सहित अन्य जगहों की यात्रा पूरी करने में दिक्कत होगी। छोटे वाहनों का अधिग्रहण कर लेने पर लोकल रूटों पर परेशानी बढ़ेगी।
स्कूल वाहनों को भी दिया जा रहा नोटिस
जिले के निजी स्कूल वाहनों को अधिग्रहण के लिए उन्हें भी नोटिस दिया जा रहा है। विभाग ने नोटिस तैयार कराकर पहले से वाहन फिट रखने के बारे में बता दिया है। साथ ही समय से वाहन निर्धारित समय व तिथि पर उपलब्ध कराने को कहा जा रहा है।
लोकसभा चुनाव के लिए 1100 वाहनों की मांग की गई है। इसके लिए 3500 से अधिक वाहन स्वामियों को पुलिस के सहयोग से नोटिस भेजा जा रहा है। कुछ वाहनों को रिजर्व में रखा जाएगा, ताकि आपात स्थिति में इनका उपयोग किया जा सके। विभाग की ओर से भी वाहन स्वामियों संपर्क कर वाहन उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है।
-आशुतोष शुक्ला, एआरटीओ प्रशासन
-
लोकसभा चुनाव में ड्यूटी के लिए डिपो की कुल 43 बसें बाहर चली गई हैं। अनुबंधित बसों के सहारे ही संचालन व्यवस्था चल रही है। अंतिम चरण के चुनाव के लिए अनुबंधित बसों के भी अधिग्रहण की बात कही जा रही है। ऐसे में तीन से चार दिन तक संचालन व्यवस्था पर असर पड़ेगा।
...मो.इरफान, एआरएम, देवरिया डिपो