-नियमित टीकाकरण से संबंधित कार्यशाला का हुआ आयोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। स्वास्थ्य विभाग व डब्ल्यूएचओ के संयुक्त तत्वावधान में नियमित टीकाकरण के लिए माइक्रोप्लान को गुणवत्तापूर्ण बनाने को लेकर शनिवार को शहर के एक होटल में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला स्तरीय कार्यशाला में हर गांव की सभी गर्भवती व बच्चों को नियमित टीकाकरण में माइक्रोप्लान में शामिल करने पर जोर दिया गया। अपर निदेशक डॉ. एनके गुप्ता ने कहा कि गर्भवती और बच्चों का नियमित टीकाकरण जरूरी है। शून्य से दो वर्ष तक के छूटे हुए बच्चों का नियमित टीकाकरण शत-प्रतिशत कराया जाए।
कहा कि टीबी, काली खांसी, गल घोंटू, तपेदिक, दिमागी बुखार, पीलिया, पोलियो, निमोनिया, खसरा, जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण कराना बहुत जरूरी है। घर-घर जाकर सर्वे कराया जाए और ड्यूलिस्ट अपडेट किया जाए।
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि नियमित टीकाकरण से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। जन्म से लेकर 5 वर्ष तक के बच्चों में बाहरी संक्रमण का खतरा कहीं अधिक होता है। इसलिए बच्चों के जन्म पर बर्थ डोज के टीकाकरण के साथ ही डेढ़ माह, ढाई माह, साढ़े तीन माह, नौ माह पर, 16 से 24 माह में और पांच वर्ष पूरा होने पर सभी टीके समय से लगवाएं। इसके अलावा 10 व 16 वर्ष की आयु पर (टिटनेस-डिप्थीरिया) टीडी का टीका लगवाना जरूरी है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि नियमित टीकाकरण बच्चों को कई जानलेवा बीमारियों से बचाता है। इनमें डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, पोलियो, टीबी, हेपेटाइटिस-बी, निमोनिया, डायरिया और खसरा-रूबेला जैसी बीमारियों से बचाव के टीके शामिल हैं। गर्भवती को टिटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका लगाया जाता है। नियमित टीकाकरण बच्चों के अलावा गर्भवती को भी कई तरह की गंभीर बीमारियों से बचाता है। इस दौरान सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा, डीपीएम पूनम, यूनिसेफ के डीएमसी अरशद जमाल सहित सभी एमओआईसी मौजूद रहे।