दो दिवसीय 42वां सालाना उर्स में देर शाम झंडे की रस्म अदायगी में जयकारे से गूंजा क्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। क्षेत्र के सेल्हरापुर में सैय्यद यासीन शाह के दरगाह पर 42वां सालाना उर्स का शनिवार को परचम कुशाई (झंडे की रस्म) के साथ आगाज हुआ। दरगाह प्रमुख और मुरीद गणों ने पूर्व में लगे झंडे को उतारकर नए झंडे लगाए। इस दौरान झंडे की रस्म अदायगी में जायरीनों ने जमकर जयकारे लगाए। जिससे पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
उर्स में हिस्सा लेने बिहार,झासी, महाराष्ट्र सहित अन्य दूर दराज के क्षेत्रों से जायरीन पहुंचे हैं। देर शाम से शुरुआत उर्स का कार्यक्रम रविवार को दिनभर और पूरी रात तक चलेगा। सेल्हरापुर में प्रसिद्ध शूफी संत सैय्यद यासीन शाह की दरगाह पर गति वर्षों की तरह इस वर्ष भी शनिवार शाम को झंडे की रस्म के साथ उर्स का आगाज किया गया। उर्स में दरगाह प्रमुख सैय्यद शकील अहमद शाह और नूर हसन शाह अपने मुरीद गणों के साथ झंडे की रस्म अदायगी की। इस दौरान झंडे को फूलों से सजाया गया था। रस्म के दौरान उपस्थित जायरीन के जयकारे से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। दरगाह के कौव्वाल अरमान भारती ने सैय्यद यासीन शाह की शान में कौव्वाली प्रस्तुत कर समां बांध दिया। उर्स में कानपुर से रफीक अहमद, इमरान,उरई से मोहम्मद जाहिद, बिहार के पटना से कैलाश वर्मा, रुबी, गोपालगंज से मोहम्मद नेहाल, झांसी से जाहिद मुंबई के बुमरा से मोहम्मद सलीम अपने रिस्तेदारों के साथ व अन्य दूर-दराज से भारी तादाद में जायरीन शिरकत किए हैं। रविवार को पूरा दिन आस-पास से हर धर्म के श्रद्धालुओं की भीड़ दरगाह पर उमड़ेगी। दूर-दराज से पहुंचे कौव्वाल कौव्वाली प्रस्तुत कर उर्स की शान बढ़ाएंगे। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिगत थाने के अलावा अलग से भी बड़ी संख्या में फोर्स मंगाई गई है। खलल डालने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।