नगर पालिका परिषद देवरिया में 49.02 प्रतिशत हुआ मतदान
- 69.02 प्रतिशत मतदान कर गौरीबाजार नगर पंचायत के मतदाता रहे सबसे आगे
बैकुंठनाथ शुक्ल
देवरिया। बात किसी के शहरी होने की हो तो उनके शिक्षित होने का ख्याल हर किसी के मन में आ ही जाता है। लोग कयास लगा लेते हैं कि सामने वाला व्यक्ति शहर का है तो पढ़ा लिखा और काफी समझदार होगा, लेकिन इस बार के नगर निकाय चुनाव में शहरवासियों ने अपनी समझ की लंका ही जला दी है। बृहस्पतिवार की शाम आए मतदान प्रतिशत में नगर पालिका परिषद देवरिया के मतदाता 16 नगर निकायों के मुकाबले फिसड्डी साबित हुए हैं। यहां महज 49.02 प्रतिशत मतदान ही हो पाया है। जबकि नगर पंचायत गौरीबाजार के लोगों ने सर्वाधिक 69.02 प्रतिशत मतदान कर जिले में सबसे जागरूक मतदाता होने का गौरव हासिल किया है।
मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए हर बार चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग मतदाता जागरूकता अभियान चलाता है। गांवों में नुक्कड़-नाटक के जरिए लोगों को उनके वोट का महत्व बताया जाता है। शहरियों को जागरूक मानते हुए यहां जिला प्रशासन का जोर कम ही रहता है। पहले मतदान, फिर जलपान सरीखे नारे शहर में गौड़ हो जाते हैं। यही कारण है कि शहरवासियों का रूझान मतदान की ओर नहीं बढ़ पाया है।
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2019 के लोकसभा चुनाव में भी कम किया था मतदान
ऐसे ही वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में शहरवासियों ने मतदान में रूचि नहीं दिखाई थी। शहर के बीचो-बिच बने 30 बूथों पर 43 प्रतिशत से कम मतदान हुआ था। सबसे खराब स्थिति बीआरडी इंटर कालेज, महाराजा अग्रसेन इंटर कालेज, इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय, दयाराम यूएमवी लक्षीराम पोखरा, सुभाष प्राथमिक विद्यालय रामगुलाम टोला आदि बूथों की रही थी।
क्यों जरूरी है मतदान
वोट देकर हम अपने अधिकार का उपयोग कर सकते हैं और देश, प्रदेश, नगर को चलाने के लिए अच्छे प्रतिनिधि का चुनाव कर सकते हैं। वोट से हम अच्छे सांसद, विधायक, जिला पंचायत सदस्य, नगर निकाय अध्यक्ष चुन सकते हैं। सभी चुनाव महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में हमें अपने मताधिकार का उपयोग जरूर करना चाहिए। यह मौके पांच साल के अंतराल पर मिल पाता है।
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मतदान में टॉप फाइव नगर निकाय
नगर निकाय - मतदान प्रतिशत
गौरीबाजार - 69.02
भटनी - 66.91
हेतिमपुर - 66.82
बरियारपुर - 63.86
रूद्रपुर - 63.02
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वर्जन
जहां भी मतदान प्रतिशत कम है वहां आगामी चुनाव में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। शहर के लोग शिक्षित होते हैं। इनकों अपने मताधिकार का प्रयोग हर हाल में करना चाहिए। - रविंद्र कुमार, प्रभारी अधिकारी कार्मिक/सीडीओ।