सोनभद्र जिले में हुआ हादसा, वीआईपी ड्यूटी के लिए वाराणसी जाते समय हुई घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सोनभद्र जिले के वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर सदर कोतवाली अंतर्गत नगर के चंडी तिराहा के पास बुधवार को दर्दनाक हादसा हो गया। बेकाबू ट्रक ने पीएम की सुरक्षा ड्यूटी में वाराणसी जा रहे बाइक सवार कांस्टेबल श्रीरामपुर थाना निवासी विवेक को कुचल दिया। ट्रक के पहिए के नीचे आने से सिपाही का शरीर दो हिस्सों में बंट गया। उसकी बाइक काफी दूर छिटककर डिवाइडर पर गिर गई। घटना के बाद ट्रक छाेड़कर चालक फरार हो गया। काफी देर तक हाईवे पर आवागमन भी प्रभावित रहा।
जिले के श्रीरामपुर थाना क्षेत्र के टोला अहिबरन निवासी विवेक बनरवाल वर्ष 2020 में यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे। इस समय उनकी तैनाती घोरावल कोतवाली में थी। वाराणसी में पीएम के कार्यक्रम के लिए उनकी ड्यूटी लगी थी। बुधवार की सुबह विवेक बाइक से वीआईपी ड्यूटी के लिए निकले। राबर्ट्सगंज पहुंचने के बाद वह चंडी तिराहा होते हुए जैसे ही हाईवे पर पहुंचे, तभी लोढ़ी की तरफ से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। ट्रक की जोरदार टक्कर से बाइक उछलकर दूर डिवाइडर पर जा गिरी, जबकि विवेक ट्रक के नीचे आ गए। लोडेड ट्रक के पहिए से कुचलने के कारण विवेक का शरीर कमर के पास से दो हिस्सो में बंट गया। शोर मचाते हुए लोग घटनास्थल पर दौड़े। चालक भी कुछ दूरी पर ट्रक खड़ाकर फरार हो गया। सूचना पाकर सदर कोतवाल मनोज सिंह मौके पर पहुंचे। शव को किनारे कराया। इसके बाद सीओ घोरावल अमित कुमार और एएसपी मुख्यालय कालू सिंह भी पहुंचे। एएसपी ने बताया कि विवेक बरनवाल की वीआईपी ड्यूटी में जाते समय ट्रक की चपेट में आने से मौत हुई है। मृतक के घरवालों को सूचना दे दी गई है। ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है। चालक की तलाश की जा रही है। जबकि दूसरी तरफ घटना की जानकारी होते ही गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी।
तीन भाइयों सबसे छोटे थे विवेक, जाते वक्त मां से हुई थी बात
सड़क हादसे में विवेक के मौत की खबर सुनते ही परिजन स्तब्ध रह गए और गांव के लोग भी शोक में डूब गए। घटना से कुछ देर पहले ही विवेक ने अपने घरवालों से फोन पर हुई बातचीत में वीआईपी ड्यूटी पर जाने की जानकारी दी थी। बताया कि वह बनारस जा रहा है, खाली होकर बात होगी। इसके कुछ देर बाद ही वह हादसे का शिकार हो गया। अहिबरन राय गांव निवासी विवेक तीन भाइयाें में सबसे छोटे थे। उनके पिता शंकर बरनवाल का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में मां देवंती देवी और दो बड़े भाई भीम और नकुल हैं। भीम गल्ले का काम करता है, जबकि नकुल की गांव के पास हाटा चौराहे पर छोटी दुकान है। विवेक ही परिवार की आय का मुख्य जरिया थे। उनकी अभी शादी नहीं हुई थी। मौत की खबर के बाद भाई सोनभद्र के लिए रवाना हो गए, वहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था। जबकि दूसरी तरफ विवेक की माैत के बाद गांव के युवकों और अन्य लोग शोक में डूब गए। हालांकि हादसे की जानकारी अभी घर की महिलाओं को न होने के कारण वहां पूरा दरवाजा सुना पड़ा हुआ था। शव आने का इंतजार कर रहे थे। देर रात शव पहुंचने की संभावना है।
विवेक की मौत के बाद शोक में दोस्त
वर्ष 2020 में यूपी पुलिस में भर्ती हुए विवेक काफी जिंदादिल इंसान थे। मई 2021 से उनकी तैनाती घोरवल थाने में थी। उनकी मौत के बाद सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह दोस्तों के साथ थिरक रहे हैं। उधर अपने साथी के निधन से तैनाती स्थल के पुलिसकर्मियों में शोक छा गया है। विवेक के साथ ट्रेनिंग में रहे जनपद में तैनात पुलिस कर्मी भी शोक में हैं। विभिन्न माध्यमों से जब उन्हें पता चला तो वह और गांव के दोस्त विवेक की बातों और उससे जुड़ी स्मृतियों पर चर्चा करते रहे।