-जर्जर पुल के मरम्मत को लेकर युवाओं ने चलाया था हस्ताक्षर अभियान
-सांसद और विधायक के प्रयास से नए पुल बनाने को मिली मंजूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। इलाके के केरवनिया घाट पर 17.64 करोड़ की लागत से टू लेन पुल बनाने की मंजूरी मिली है। इसके बनने के बाद लोगों को जर्जर पुल से जान जोखिम में डाल कर जाना नहीं पड़ेगा। इसकी जानकारी पर यूपी और बिहार के लोगों ने खुशी जताई है। यहां पांच वर्षों से लोगों ने जर्जर पुल को बदलने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया था। सांसद और विधायक के प्रयास से पुल की मंजूरी मिलने के बाद जल्द इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
भटनी के केरवनिया घाट पर 41 वर्ष पूर्व बना पुल जर्जर हो गया है। भटनी-भिंगारी बाजार सड़क मार्ग पर स्थित यह पुल बिहार के गोपालगंज और सिवान को जोड़ता है। कुछ वर्षों से यह पुल जर्जर है। इस पुल से गुजरने के दौरान लोग काफी डरते हैं। पांच साल से रायपुरा के राजन राय के नेतृत्व में युवा गांवों में भ्रमण कर हस्ताक्षर अभियान चलाकर नए पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। इसमें आसपास के गांवों के लोगों ने उनका समर्थन किया। 2022 के विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा जोर- शोर से उठाया गया।
क्षेत्रीय सांसद ने भाजपा सरकार बनने पर पुल का निर्माण कराने का आश्वासन दिया। सांसद रविंद्र कुशवाहा और विधायक सभा कुंवर कुशवाहा के प्रयास के बाद शासन ने केरवनिया घाट पर 17.64 करोड़ की लागत से टू लेन पुल बनाने की हरी झंडी दे दी है। इसकी जानकारी पर लोगों में खुशी व्याप्त है।
बड़े हादसे को दावत दे रहे जर्जर केरवनिया पुल के स्थान पर नए पुल बनाने की जानकारी मिली है। इसके लिए सांसद और विधायक बधाई के पात्र हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय युवाओं के मेहनत का भी फल है। पुल बनने से राह आसान हो जाएगी।
-राजन राय, शिक्षक
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जर्जर केरवनिया पुल से गुजरने पर भगवान को याद करना पड़ता है। पुल निर्माण होने की जानकारी खुशी हुई है। इससे यूपी और बिहार से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी।
-बालेंदु द्विवेदी, घांटी बाजार
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नए टू लेन पुल बनने से यूपी और बिहार के लोग इस इलाके से गुजरेंगे तो क्षेत्र का विकास होगा। इससे घांटी, कुकुरघांटी, भिंगारी बाजार आदि जगहों के युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
-बच्चा यादव, कुकुर घांटी
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जर्जर केरवनिया पुल बड़ा मुद्दा है। यहां कभी भी बड़े हादसे हो सकते है। नए पुल का निर्माण समय की मांग है। इसके लिए युवाओं ने बहुत मेहनत की है। उनके संघर्षों के वजह से ही यह संभव हो पाया है। उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को ऐसे ही उठाने की मांग की है।
-बृजेश शर्मा, समाजसेवी