रामपुर कारखाना और रुस्तमपुर फीडर से जुड़े लोग परेशान
-शाम को आपूर्ति शुरू होते ही हो जाता है फाल्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर कारखाना। दिन में आग लगने का डर और रात में लगातार हो रहे फाल्ट से उपभोक्ता एक सप्ताह से परेशान हैं। रामपुर कारखाना और रुस्तमपुर फीडर के करीब दो लाख आबादी विद्युत कटौती से बेहाल हो गई है।
कटौती का आलम यह है कि इन दोनों फीडर से महज पांच से छह घंटे ही आपूर्ति लोगों को मिल रही है। लू के थपेड़े और प्रचंड गर्मी की तपिश आनी बाकी है, लेकिन विद्युत कटौती ने उपभोक्ताओं की गर्मी बढ़ा दी है। पाण्डेयचक विद्युत सब स्टेशन से जुड़ने के बाद नगर पंचायत रामपुर कारखाना समेत करीब डेढ़ सौ गांवों की आबादी कटौती का दंश झेल रही है। गेहूं की खड़ी फसल में आग लगने के डर से दिनभर बिजली आपूर्ति नहीं दी जा रही है। जबकि प्रदेश सरकार ने गेहूं की कटाई से पहले ही ढीले तारों को कसने और आग लगने से बचाने का इंतजाम करने का आदेश निगम को दिया था। बावजूद इसके निगम ने रामपुर कारखाना और रुस्तमपुर फीडर में दिनभर आपूर्ति ही बंद करने का फैसला कर लिया। सबसे अधिक दिक्कत शाम को आपूर्ति शुरू होते ही फाल्ट हो जाने से आपूर्ति बंद हो जा रही है। इसके चलते लगभग दो लाख की आबादी प्रचंड गर्मी में सड़क पर चलने को मजबूर है। कटौती से लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। पूर्व सभासद मुन्नालाल मद्धेशिया और राजू मद्धेशिया, सिद्दीकुल आजम कुरैशी, महेंद्र गुप्ता, सोनू चौरसिया, सुरेश गुप्ता, विष्णु गुप्ता, संजय श्रीवास्तव ने फाल्ट की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।