दीवार कमजोर होने से हुई धराशायी, मची चीख-पुकार
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने मजदूरों से वार्ता कर सरकार से मिलने वाली सहायता दिलाने का दिया आश्वासन
ईंट-भट्ठा मालिक ने अपने निजी वाहन से घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया
गरम होकर दीवार दरकने से ईंट भट्टे में दब गए मजदूर
रामपुर कारखाना। थाना क्षेत्र के बभनौली गांव स्थित ईंट-भट्ठे की दीवार गिरने से शनिवार को दो मजदूरों की दबकर मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को भट्ठा मालिक ने अपने निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद से अफरा-तफरी मच गई। चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनकर वहां मौजूद लोग सहम उठे। हादसे में प्रभावित सभी मजदूर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के रहने वाले हैं। घायलों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर एडीएम वित्त एवं राजस्व, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं।
घटना सुबह करीब दस बजे की है। 24 मजदूर भट्ठे से ईंट निकालने के काम में जुटे थे। इसी दौरान भट्ठे की दीवार गिर गई। इसकी चपेट में बिलासपुर जनपद के भिलोनी गांव निवासी हरिनाथ (40), इसी जनपद के बभनौली के रहने वाले छोटू (25) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं सीमा, जमोत्री, सरोजनी गंभीर रूप से घायल हो गईं। सीमा और जमोत्री के पैर में गंभीर जख्म है।
हरीनाथ ने अन्य मजदूरों को बचाया, पर खुद को नहीं बचा सकें
लगभग 24 मजदूरों के साथ हरीनाथ और छोटू ईंट निकाल रहे थे। इसी दौरान दीवार गिरने लगी। हरीनाथ अन्य मजदूरों को भागने के लिए शोर मचाने लगे। वह महिलाओं को धक्का देकर बाहर भगा रहे थे। इसी बीच उनके ऊपर दीवार गिर गई। साथी मजदूरों का कहना था कि हरीनाथ ने अपनी जान देकर लगभग 12 मजदूरों की जान बचाई। मृतक हरीनाथ की पत्नी कुमारी दहाड़े मारकर रोने लगी। उसका कहना था कि अनहोनी के बारे में पता रहता तो वह पति को मजदूरी करने नहीं जाने देती।
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परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे दोनों मृतक
घर की माली हालत सुधारने के लिए छत्तीसगढ़ से देवरिया के रामपुर कारखाना आकर हरीनाथ और छोटू मजदूरी करते थे। शनिवार को दीवार गिरने से हुए हादसे में दोनों की मौत हो गई। मजदूरों ने बताया कि दोनों परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। मां बाप घर रहते हैं। जबकि पत्नी और बच्चों के साथ वे ईंट भट्ठे पर काम करते थे। हरीनाथ की मौत की जानकारी मिलते ही पत्नी कुमारी, पुत्र समीर, पुत्री सत्या और दीक्षा दहाड़े मारकर रोने लगे। परिजनों का रोना देख सांत्वना दे रहे अन्य मजदूरों की भी आंखें नम थीं।
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भागो-भागो ढह रही है दीवार
रामपुर कारखाना। बभनौली गांव में ईंट-भट्ठे पर हुए बड़े हादसे के बाद वहां मातम फैला हुआ है। रोजी-रोटी के चक्कर में एक प्रांत छोड़कर दूसरी जगह कमाने आए मजदूरों को क्या पता था कि उनकी रोजी-रोटी का जरिया ही उनकी जान ले लेगी। शनिवार सुबह करीब नौ बजे ईंट-भट्ठे से मजदूर पकी ईंटें निकालने पहुंचे थे। एक-एक चक्र से पकी ईंटें निकालने के क्रम में जब मजदूर आगे बढ़े उसी दौरान एक चक्र की दीवारों में दरारें पड़ने लगीं। यह देख मजदूर हरिनाथ जोर-जोर से चिल्लाने लगा कि भागो-भागो दीवार ढह रही है। जब तक मजदूर भाग पाते, गर्म दीवार भरभराकर गिर पड़ी और उसमें हरीनाथ व छोटू की दबकर घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मजदूरों ने कहा कि चक्र की दीवार कमजोर थी। इस वजह से वह धराशायी हो गई और बड़ा हादसा हो गया।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी
ईंट भट्ठा पर काम करने के दौरान दीवार दरकने से घायल मजदूरों की सूचना के बाद अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व नागेंद्र कुमार, तहसीलदार सदर आनंद कुमार नायक, नायब तहसीलदार धरमवीर सिंह, खंड विकास अधिकारी पन्ने लाल यादव, एडीओ आईएस बी ज्ञान सिंह, लेखपाल प्रदीप गुप्ता सहित रामपुर कारखाना थाने के एसआई अभिषेक तिवारी मौके पर पहुंच गए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ मजदूरों को सांत्वना देते रहे। सरकारी मदद का आश्वासन दिया।
खुद जख्मी हो गई, मां बेटे को बचाया सुरक्षित
छोटू और उसकी पत्नी सीमा भट्ठे से ईंट निकालने में जुटे थे। एक साल का बच्चा मां की गोद में लिपटा हुआ था। दीवार गिरने से पिता की मौत हो गई तो मां सीमा का पैर टूट गया। ऐसी स्थिति में मां ने खुद जख्मी होकर बेटे को सुरक्षित बचा लिया। अब कौन करेगा उसका परवरिश, यह सोच कर रो रही थी त्नी सीमा।