कुछ देर बाद कंबाइन मशीन लेकर चालक पहुंचा और अंगद गिरि के खेत में धान की फसल की कटाई करने लगा। इसी दौरान खेत में सो रहीं दोनों बालिकाएं कंबाइन की चपेट में आ गईं। इससे दोनों की मौत हो गई। इसके बाद चालक कंबाइन छोड़कर भाग गया।
इसी बीच अनहोनी की आशंका को भांपते हुए बगल के खेत में काम कर रहे लोग दौड़ कर मौके पर पहुंचे। खून से लथपथ दोनों बेटियों को देखकर वे शोर मचाने लगे। घटना के बारे में जब अन्य ग्रामीणों को जानकारी हुई तो काफी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने कंबाइन चालक पर कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया।
मौके पर पहुंचे एसओ ने कंबाइन मशीन को कब्जे में ले लिया। कुछ देर बाद एसडीएम सदर सौरभ सिंह और सीओ मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने हंगामा कर रहे लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। क्षेत्राधिकारी सलेमपुर देवानंद ने बताया कि दोनों की मौत कंबाइन की चपेट में आने से हुई है। वाहन को कब्जे में लेकर चालक की तलाश की जा रही है।
बेटी का जन्मदिन मनाने का सपना रह गया अधूरा
गौरीकोठी गांव में अंगद गिरि के घर में एक सप्ताह बाद बेटी जिया के जन्मदिन पर परिवार में उत्सव होने वाला था। खुशी के अवसर पर परिवार गांव के एक धर्मस्थल पर भजन-कीर्तन का आयोजन कराने की तैयारी कर रहा था। अंगद भी गुजरात से जन्मदिन मनाने के लिए आने वाले थे। गुरुवार को जिया व करिश्मा की मौत ने परिवार और गांव को झकझोर कर रख दिया।
लापरवाही पर पछता रही मां
घटना से बेटी के जन्मदिन की खुशियां मातम में बदल गईं। परिवार वालों को बिलखते देखकर सबकी आंखें नम हो गईं। परिजन फूट-फूटकर रो रहे थे। मां बार-बार बेहोश हो जा रही थी। होश में आने पर अपनी लापरवाही को याद कर पछता रही थी।