पिड़रा पुल पर पटान के बाद नई मिट्टी दरकने से फिर रोकना पड़ा रास्ता
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पिड़रा पुल पर आवागमन अवरुद्ध
छह दिन बाद पांच मिनट के लिए खुला था मार्ग
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। पिड़रा मार्ग पर पक्के पुल का एप्रोच धंसने और सड़क कटने से रुका आवागमन शुक्रवार को छह दिन बाद पांच मिनट के लिए चालू होकर फिर बंद हो गया। कटान से बनी खाई को पाटने के बाद नई मिट्टी धंसने से दोबारा दरार दिखने लगी। गोर्रा नदी कटान स्थल से आगे बढ़कर तेजी से कटान कर रही है। प्रशासन ने स्थिति बेकाबू होने पर पुल पर आवागमन को दोबारा रोक दिया है।
रुद्रपुर-करहकोल मार्ग पर पिड़रा पुल के उत्तर तरफ 25 सितंबर को अचानक कटान से एप्रोच धंस गया। कटान इतनी भीषण थी कि टू लेन की पक्की सड़क आधा से अधिक कट गई। नदी की कटान से दोआबा के 52 गांवों में हाहाकार मच गया। प्रशासन ने आनन-फानन बचाव कार्य शुरू कराया। इस दौरान पुल से होकर बड़ी गाड़ियों का आवागमन रोक दिया गया।
दोआबा क्षेत्र की दो लाख आबादी सहित गोरखपुर जिले के सीमावर्ती गावों के तमाम लोगों को मार्ग बदलने से परेशानी उठानी पड़ रही है। गोर्रा नदी के किनारे बने खतरनाक बंधे से होकर चार पहिया वाहनों को तहसील और जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। दुरूह मार्ग से होकर यात्रा का जोखिम उठा रहे लोग मुख्य मार्ग पर आवागमन बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।
इस बाबत पीडब्लूडी के अभियंता बीबी सिंह ने कहा कि कटान इतनी अधिक थी कि पुल के एप्रोच के नीचे की सारी मिट्टी पानी में बह गई। करीब 30 फीट गहरी खाई को पाटने में एक हजार ट्रॉली मिट्टी लग गई होगी। मिट्टी पट जाने से आवागमन बहाल होने की उम्मीद जगी थी। लेकिन शुक्रवार को नीचे से मिट्टी बहने से नई पटान भी दरक रही है। इस कारण आवागमन बहाल करने का जोखिम नहीं उठाया जा रहा है। कटान रोकने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।