देवरिया। शहर के भुजौली कालोनी के महाराणा प्रताप कालोनी निवासी कार्तिकेय मल्ल (13) का अपहरण कर हत्या करने का आरोपी सजा से बचने के खुद के अपहरण की कहानी रचकर फरार है। पचास दिन बाद भी उसका सुराग नहीं लग पाया है। ऐसे में कोर्ट ने मुकेश के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। जबकि, हत्यारोपी के खुला घूमने से कार्तिकेय के परिजन सहमे हुए हैं। पिता महेश मल्ल ने कहा कि मुकेश ने बच्चे की हत्या कर दी। अब डर लग रहा है कि जो बचा है, उसे भी खत्म न कर दे।
भुजौली कालोनी निवासी महेश मल्ल के बेटे कार्तिकेय मल्ल का 17 मार्च 2012 को घर के पास से अपहरण कर लिया गया था। परिजनों से दस लाख रुपये फिरौती की मांग की गई थी। रकम न देने पर उसकी हत्या कर दी गई थी। 23 मार्च 2012 को उसका शव महराजगंज जिले के पनियरा जंगल में मिला था। इस मामले में मृतक के भाई स्वतंत्र मल्ल की तहरीर पर मुकेश निवासी राउतपार और रंजीत निवासी तहसील रोड के खिलाफ केस दर्ज हुआ। पांच साल बाद मुकेश जमानत पर छूट कर 2017 में आया। 19 अगस्त को 2023 को मुकदमे की तारीख थी। इसी बीच सात अगस्त को बरियारपुर थाना क्षेत्र के देवरिया मीर गांव के पास से रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। परिजनों ने उसके अपहृत होने की आशंका जाहिर करते हुए तहरीर दी थी।
पुलिस ने जब जांच पड़ताल की तो पता चला कि वह सजा से बचने के लिए वह फरार हुआ है। सीसीटीवी कैमरे के आधार पर पुलिस ने खुलासा किया और उसके साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पर अभी तक मुकेश का अभी पता नहीं लगा है। पुलिस को आशंका है कि वह नेपाल भाग गया है। दूसरी तरफ कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर गिरफ्तार कर पेश करने का निर्देश दिया है।
केस में सुलह न करने पर जान से मारने की दी थी धमकी
देवरिया। कार्तिकेय के पिता महेश मल्ल ने बताया कि मुकेश का सुराग न लगने से बहुत डर लगता है। उसने मेरे पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया। विदेश कमाता था। बेटे की हत्या के बाद घर चला आया। अब डर लगता है कि वह परिवार के साथ अन्य वारदात न कर दे। उसके खिलाफ हमने 2019 में तहरीर भी दी थी और मुकदमा भी दर्ज हुआ था। धमकी दी थी कि केस में सुलह नहीं किया तो जान से मार देंगे। पुलिस से मेरी गुहार है कि उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जाए। संवाद
गिरफ्तारी न होने से केस पर पड़ रहा असर
देवरिया। वादी के अधिवक्ता अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि तीन थानों का मामला हो गया था। दो विवेचक का बयान हो चुका है। एक विवेचक का बयान पूर्ण होना है। इसके बाद धारा 313 का बयान होगा। पर्याप्त साक्ष्य होने के कारण उसे संकेत मिल गया कि केस में सजा हो सकती है। इसके कारण वह फरार हो गया है। गिरफ्तार न होने के कारण केस पर असर पड़ा है। संवाद
फरार मुकेश ने सजा से बचने के लिए ऐसी साजिश रची है। पुलिस टीम उसे गिरफ्तार करने में जुटी हुई है। प्रयास है कि जल्द से जल्द उसे गिरफ्तार कर लिया जाए। पीड़ित पक्ष के साथ पुलिस हमेशा खड़ी है। अगर उन्हें कोई दिक्कत हो तो पुलिस से शिकायत कर सकते हैं।
- श्रीयश त्रिपाठी, सीओ