देवरिया। सदर ब्लॉक के ग्राम पचौहां में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन बुधवार को श्री कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की झांकी देख सभी श्रोता रोमांचित हो गए। श्रीमदभागवतगीता के अंतिम दिन कथा व्यास डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मणि जन्म से ही भगवान श्रीकृष्ण के यश गान सुनकर अंदर ही अंदर भगवान कृष्ण से प्रेम करने लगी थी और भगवान श्रीकृष्ण को पति रूप में मान चुकी थीं। संवाद