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Deoria News: नामांतरण की फाइलें लटकाने वालों पर गिरेगी गाज, डीएम ने ईओ से मांगा जवाब

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चढ़ावे के इंतजार में नगर पालिका में वर्षों से लटकी थीं नामांतरण के चार सौ से अधिक फाइलें
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। चढ़ावे के इंतजार में नामांतरण की फाइल लटकाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर गाज गिरने वाली है। चार जुलाई को अमर उजाला में प्रकाशित खबर का जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने संज्ञान लिया है। उन्होंने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को पत्र भेजकर पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। इसमें अधिकारियों को यह जवाब देना होगा कि जिन फाइलों के निस्तारण की अवधि 45 दिन निर्धारित की गई है, उनके निस्तारण में कई महीने और साल कैसे गुजर गए।
दरअसल शहर में भवन व भू-स्वामियों से नगर पालिका कर वसूलती है। गृह स्वामी की मृत्यु या संपत्ति हस्तांतरित होने पर मालिकाना हक जताने वाले लोग संपत्ति नामांतरण के लिए नगर पालिका में आवेदन करते हैं। आवेदन करने के बाद पत्रावली निस्तारण के लिए 45 दिन का समय निर्धारित है, लेकिन यहां पत्रावलियों के निस्तारण में खेल हो रहा था। जिन आवेदकों की बाबुओं से सेटिंग हो जाती थी उन्हीं की पत्रावली निस्तारित हो पाती थी। बाकी लोग नगर पालिका का चक्कर काटते रह जाते थे। ऐसी ही करीब चार सौ फाइलें
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बाबुओं की आलमारी में चार साल से पड़ी थीं। जिसकी सही संख्या न कर निर्धारण अधिकारी को पता थी न ईओ को। शिकायतें नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह के पास पहुंचनी शुरू हुईं तो उन्होंने 26 जून से नामांतरण सप्ताह आयोजित कराया। पांच दिन के शिविर में भी अधूरी फाइलें ही निस्तारित हो पाईं। दो सौ से अधिक फाइलें बाबुओं की आलमारी में पड़ी रहीं। चार जुलाई के अंक में अमर उजाला ने चढावे के इंतजार में आलमारी में कैद हैं 200 से अधिक नामांतरण की फाइलें शीर्षक से खबर प्रकाशित की। जिसका जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया है। ईओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

वर्जन
ज्यादातर पत्रावलियां अधूरी होने के कारण लंबित थीं। कुछ को प्रस्तुत करने में बाबुओं ने देरी की। जल्द ही जिलाधिकारी को जवाब भेजा जाएगा।
- रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद देवरिया।
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