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Deoria News: चोर जीपीएस को हैक कर उड़ा रहे लग्जरी वाहन

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पुलिस काे नहीं मिल पी रहा लाेकेशन, लग्जरी वाहनों को चुराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह अत्याधुनिक उपकरणों से लैस हो गए हैं
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संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से लग्जरी वाहनों को चुराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह अत्याधुनिक उपकरणों से लैस हो गए हैं। गिरोह वाहनाें में लगे जीपीएस सिस्टम को हैक कर ले रहे हैं, ताकि वाहन का लोकेशन न मिल सकें। इसके बाद गैर प्रांत में वाहन लेकर चले जा रहे हैं। यहां तक की पड़ोसी देशों में वाहन भेज दिया जा रहा है। इसका प्रमाण पुलिस के खुलासे में हो चुका है।
वाहन चोर गिरोह का नेटवर्क प्रदेश सहित देश के कई प्रांतों में है, जो चोरी के वाहन खपाने का काम करता है। लाॅक और जीपीएस के भरोसे लोग वाहन छोड़ दे रहे हैं। ऐसे वाहनों की रेकी कर वाहन चोर मौका मिलते ही उड़ा ले रहे हैं। इसके बाद पुलिस शातिरों का पीछा नहीं कर पा रही है। वह आराम से वाहन लेकर फरार हो जा रहे हैं।
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इन खुलासों से गिरोह के बारे में पता चला
करीब दाे माह पहले कोतवाली पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का खुलासा किया था। इनकी पहचान शेख मुबारक निवासी रमौली थाना शिकारपुर जनपद बेतिया, बिहार और मुजफ्फरपुर के महंत मनिहारी निवासी मनोज चौधरी के रूप में हुई। गिरोह ने छह मार्च को रेलवे स्टेशन के पास से स्कार्पियो, तीन मार्च को कुशीनगर से स्कार्पियो, जनवरी माह में गरुणपार मुहल्ले से फार्च्युनर और भुजौली कॉलोनी से स्कार्पियो चुराया है। सभी वाहनों का जीपीएस हैक कर लिया गया था। इस कारण पुलिस को काफी समय तक वाहन का लोकेशन नहीं मिला। बाद में गिरोह के सदस्य पकड़े गए तो मामले का खुलासा हुआ।


विदेश और दूर-दराज के प्रांत में चोरी के वाहनों को खपाता है गिरोह

लग्जरी वाहनों को पलक झपकते ही चुराने वाले गिरोह के सदस्य गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, मऊ, बलिया आदि जनपदों से वाहन चोरी करने के बाद नागालैंड, असम, बंगाल प्रांत के अलावा म्यामांर, भूटान और नेपाल देशों में वाहनों को बेच देते हैं।


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इन उपकरणों के सहारे कर रहे चोरी
वाहन चोरों के पास ऐसा उपकरण है कि वह बीएमडब्लू, क्रेटा सहित कोई भी लग्जरी वाहन को महज पांच मिनट में लॉक खोलकर लेकर फरार हो जाते हैं। इनके पास से एक्स टूल पैड, एक्स टूल का चार्जर, एक्स टूल स्कैनर डिवाइस, ईसीएम डिवाइस स्कैनर, डेरोडिंग मशीन (लग्जरी वाहनों का), जीपीएस जैमर के जरिये वाहन उड़ा रहे हैं। जिस कारण वाहन चोरी होने पर लोकेशन नहीं मिल पा रहा है।
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वाहन चोर गिरोह जीसीएस को हैक कर लेते हैं। जिस कारण उनका लोकेशन नहीं मिल पाता है। एक घटना का खुलासा हुआ था तो इनके पास से करीब पांच लाख रुपये का उपकरण बरामद हुआ था। इसके बाद भी पुलिस गोपनीय तरीकों से इन्हें पकड़ने का काम कर रही है।
संकल्प शर्मा, एसपी
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