देवरिया। जिले में हर माह हो रहे लगभग 26 लाख के खाद्यान्न घोटाले की जांच होगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार इसके लिए ज्वाइंट कमिश्नर गोरखपुर की अध्यक्षता में टीम गठित हो गई है। इसमें जिले का कोई भी अधिकारी शामिल नहीं होगा। टीम में बाहरी जिले के आपूर्ति विभाग से जुड़े अधिकारी नामित किए गए हैं। टीम कब जिले में आएगी, किन-किन लोगों से पूछताछ करेगी, कहां-कहां जाएगी इसकी जानकारी गोपनीय रखी गई है। वहीं, कोटेदारों का आरोप है कि जांच की सुगबुगाहट मिलते ही सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी के काम में लगे ठेकेदार उनपर दबाव बनाकर उनसे पूरा राशन मिलने की बात लिखवा रहे हैं। इसपर ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारी व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से साथियों को सजग कर रहे हैं।
बता दें कि गरीबों को दिए जाने वाले खाद्यान्न में से प्रति 100 बोरे अनाज पर एक कुंटल क्विंटल कटौती से संबंधित खबर अमर उजाला ने 12 अगस्त के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें बताया गया था कि हर माह कैसे जनपद में लगभग 1300 क्विंटल खाद्यान्न का घपला होता है। ये आरोप खुद कोटेदारों ने लगाए थे। अधिकारी कोटेदारों की शिकायत का संज्ञान नहीं ले रहे थे, ठेकेदारों के साथ खुन्नस बताकर मामले पर पर्दा डाल थे। इस खबर का संज्ञान शासन ने लिया है। ठीक तरह से जांच हो तो इसमें कई बड़े अधिकारियों की गर्दन फंस सकती है।
मैं बस इतना जानता हूं कि मामले की जांच होनी है। इसमें कौन अधिकारी नामित किए गए हैं। जांच की प्रक्रिया क्या होगी इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है।
- संजय पांडेय, जिलापूर्ति अधिकारी।