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Deoria News: काकंदी में उमड़ेगा जैन धर्मावलंबियों का सैलाब

Wed, 13 Dec 2023 01:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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जैन धर्म के नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत की जन्म स्थली है खुखुंदू
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जयंती पर आज होगा जन्म कल्याणक महोत्सव का आयोजन
राजस्थान के कीमती पत्थरों से बना मंदिर दूर से ही पर्यटकों को करता है आकर्षित



( नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ की जयंती पर विशेष खबर)

फोटो समाचार...

विनय कुमार राय
खुखुंदू (देवरिया)। राजस्थान के कीमती पत्थरों से बना जैन धर्म के नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ का मंदिर और उसमें मौजूद नौ फुट ऊंची मनमोहक प्रतिमा खुखुंदू (पूर्व नाम काकंदी) की एक मजबूत पहचान है। खुखुंदू भगवान पुष्पदंत नाथ की जन्म स्थली है और बुधवार को भगवान पुष्पदंत नाथ की जयंती है। इस अवसर मनाए जाने वाले जन्म कल्याणक महोत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
हर वर्ष इस अवसर पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में देश-विदेश के जैन धर्मावलंबी बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। इसके अलावा क्षेत्र के लोग भी जन्म कल्याणक महोत्सव में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। अपनी बनावट और सुंदरता के चलते दूर से ही पर्यटकों को आकर्षित करने वाले इस मंदिर को पुष्पदंत नाथ की जयंती के अवसर पर विशेष रूप से सजाया गया है। गोरखपुर, अयोध्या, दरौली, सिवान, मध्यप्रदेश, दिल्ली और राजस्थान सहित कई अन्य प्रांतों से जैन धर्मावलंबियों के जत्थे का पहुंचना शुरू हो गया है।
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मंदिर का इतिहास

खुखुंदू। खुखुंदू नगरी पहले काकंदी नगरी नाम से विख्यात थी। मंदिर में स्थापित कीर्ति स्तंभ और शिलापट्टों पर अंकित मान्यताओं के मुताबिक यहां इक्ष्वाकुवंशीय महाराजा सुग्रीव का शासन था। उनकी महारानी जयरामा थी। महारानी के गर्भ से ही मगसिर शुक्ला प्रतिपदा के मूल नक्षत्र में जैन धर्म के नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ महाराज का जन्म हुआ था। इस अवसर पर उनका जन्म कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। भारत के दिगंबर जैन तीर्थ भाग -1 में काकंदी नगरी के परिचय में अनेक ऐतिहासिक तथ्यों का उल्लेख भी मिलता है। 1871 में प्रकाशित कनिंघम के सर्वेक्षण रिपोर्ट में भी इस स्थान की विशद विवेचना मिलती है। यहां के घने जंगलों में भगवान पुष्पदंत नाथ ने वर्षों तपस्या की थी। महावीर स्वामी जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर नौवें तीर्थकर भगवान पुष्पदंत नाथ का दूसरा नाम सुविधि नाथ भी है।


धर्मावलंबी दिनभर करेंगे पूजन-अर्चन
मंदिर के प्रबंधक और पुजारी बसंत लाल जैन ने बताया कि जैन समाज के लोगों का दो दिन पहले से ही मंदिर परिसर में आगमन शुरू हो गया। जन्म कल्याणक महोत्सव पर आज मंदिर परिसर में दिनभर पूजन-अर्चन होगा। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी चलते रहेंगे। पूजन के बाद भगवान की भव्य आरती होगी। बताया कि मंदिर परिसर में पर्यटकों के ठहरने के लिए संस्थान के अलावा शासन स्तर से भी भवन निर्माण कराया जा रहा है।
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सड़क की पटरियों पर गंदगी का अंबार
इस महत्वपूर्ण आयोजन के बावजूद जैन मंदिर जाने वाली सड़क की दोनों पटरियों पर गंदगी का अंबार है। इसके अलावा वर्तमान में चौराहे से कुछ दूरी तक तक तो सड़क ढलाई हो गई है। मगर बाकी सड़क मंदिर तक टूटी-फूटी है।
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