भाटपार रानी। बिहार बॉर्डर से सटे भाटपार रानी क्षेत्र में आज भी लोग बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। यहां पर एक्स-रे से लेकर पैथोलॉजी जांच तक की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। हर दिन गंभीर अवस्था में आए 5 से 6 मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। भाटपार रानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन 150 से 160 मरीज आते हैं। यहां दो चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, टीवी सेंटर आदि से लेकर जांच की सुविधा भी है। यहां इमरजेंसी व्यवस्था है, लेकिन यहां का डिजिटल एक्सरे महीनों से बंद है। मरीजों को एक्स-रे से लेकर कुछ गंभीर बीमारियों की जांच के लिए प्राइवेट जगहों पर जाना पड़ता है। हादसे में घायल हुए लोग तो तुरंत ही मेडिकल कॉलेज भेज रेफर कर दिए जाते हैं। इसके अलावा यहां पर हड्डी के डॉक्टर और सर्जन नहीं हैं, इससे लोगों को जिला अस्पताल मजबूरी में जाना पड़ता है। पीएचसी पर इलाज कराने आए विजय बहादुर चौरसिया ने बताया कि यहां मरीजों के इलाज की कोई समुचित व्यवस्था आज तक नहीं हो पाई है। यह एक तरह से रेफरल अस्पताल हो चुका है। बरईपार के रुदल त्यागी ने बताया कि यहां मरीजों के लिए जांच तक की सुविधा नहीं है। यहां का डिजिटल एक्सरे महीनों से बंद पड़ा है। मरीज को मजबूरन जिला मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है।