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Deoria News: नहीं है बस स्टेशन, यात्रियों को होती है परेशानी

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- खुले आसमान में सड़क पर खड़े होकर करते हैं इंतजार, पकड़ते हैं बस
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- राज्य मंत्री के प्रस्ताव पर आईटीआई व कृषि विभाग की भूमि को किया गया है चिन्हित

संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। सबसे पुरानी तहसील मुख्यालय पर बस स्टेशन नहीं है। जिसके चलते परिवहन निगम की बसें सड़क पर खड़ी होती हैं। इससे जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। वहीं यात्रियों को खुले आसमान में बस के लिए खड़ा होना पड़ता है। हालांकि राज्य मंत्री के प्रस्ताव पर तहसील प्रशासन ने नगर पंचायत के राजस्व ग्राम सलाहाबाद की भूमि चिह्नित की है।
चिन्हित जगह पर आईटीआई और कृषि विभाग का भवन बना है। इसमें कुछ भवन जर्जर हालत में हैं। इसको लेकर सीडीओ के यहां से तहसील में पत्र आया था। जिस पर एसडीएम ने तहसीलदार को जांच कर आख्या देने को कहा है। जिसकी जांच तहसीलदार अलका सिंह कर रही हैं। जाम से निजात दिलाने के लिए नगर पंचायत ने अस्थाई बस स्टेशन बनाने के लिए सिंचाई विभाग के डाक बंगला के पास सड़क के किनारे लोक निर्माण विभाग की भूमि को साफ करा कर दिया था, लेकिन इस भूमि को नलकूप विभाग ने अपना बताते हुए रोक दिया। बस स्टेशन नहीं होने से सड़क की पटरियों पर बसें खड़ा होती हैं। इससे जाम की समस्या बनी रहती है। वहीं यात्रियों को बस की इंतजारी सड़क पर खड़े होकर करना पड़ता है। राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम के प्रस्ताव पर सलेमपुर में बस स्टेशन निर्माण की कवायद एक साल से चल रहा है। 15 सितंबर 2022 को बापू इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में मंच से परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने सलेमपुर में बस स्टेशन बनवाने की घोषणा की थी। जिसके बाद तहसील प्रशासन ने नगर के सलाहाबाद वार्ड में अराजी संख्या 140 रकबा 0.1940 को चिन्हित किया। चिन्हित भूमि पर आईटीआई का वर्कशाप, कृषि रक्षा ईकाई का जर्जर भवन बना हुआ है। जबकि आईटीआई का भवन वर्तमान समय में बरसीपार गांव में बना है। जहां पढ़ाई होती है। कृषि रक्षा का भवन बंजरिया गांव में संचालित है।
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इसको लेकर 25 सितंबर को शासन के विशेष सचिव धीरेंद्र प्रताप सिंह ने डीएम व मंडलायुक्त को पत्र देकर नगर विकास मंत्री के पत्र को संज्ञान में लेते हुए विधान सभा क्षेत्र सलेमपुर में बस स्टेशन का निर्माण कराने के लिए चिन्हित भूमि को परिवहन विभाग को नि:शुल्क देने की मांग की थी। इसी पत्र का हवाला देते हुए डीएम ने एसडीम को पत्र देकर आख्या की मांग की थी। एसडीएम ने तहसीलदार को जांच कर आख्या देने को कहा। नगर पंचायत ने डाक बंगला के पास सड़क के किनारे लोक निर्माण विभाग की भूमि को साफ करा कर दिया था, लेकिन इस भूमि को नलकूप विभाग ने अपना बताया। इसके बाद बस स्टेशन का मामला अधर में लटका है। बस स्टेशन नहीं हाने से सड़क की पटरियों पर बसें खड़ा होती हैं। इससे जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। वहीं यात्रियों को बस की इंतजारी सड़क पर खड़े होकर करना पड़ता है।
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कोट-

बस स्टेशन के लिए आईटीआई व कृषि इकाई की जमीन को चिन्हित किया गया है। जिसकी रिपोर्ट पूर्व में शासन को भेजी जा चुकी है। पुन: उसकी जांच कर आख्या मांगी गई है। जिसका रिपाेर्ट तैयार की जा रही है।अलका सिंह

तहसीलदार सलेमपुर
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