संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। डोमिनगढ़-जगतबेला के मध्य ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का कार्य एवं एवं कुसुम्ही-गोरखपुर कैंट-गोरखपुर तीसरे रेल लाइन का निर्माण होने के चलते यात्रियों की समस्या बढ़ गई है।
देवरिया सदर से गुजरने वाली 15 से अधिक ट्रेनों को निरस्त एवं कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन कर दिए जाने से लोग अन्य साधनों का सहारा ले रहे हैं। रेलवे स्टेशन पर जो यात्री समय से ट्रेन मिलने की उम्मीद में आ रहे हैं, यहां की स्थिति जान घंटों तक अन्य वैकल्पिक ट्रेनों का इंतजार करने पर मजबूर हैं।
गोरखपुर-गोंडा रेल खंड पर स्थित डोमिनगढ़-जगतबेला के मध्य ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का कार्य एवं कुसुम्ही-गोरखपुर कैंट- गोरखपुर तीसरे रेल लाइन का निर्माण होने के चलते देवरिया सदर से गुजरने वाली 15 से अधिक ट्रेनों को निरस्त एवं कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया है।
डोमिनगढ़ स्टेशन पर 14 से 25 अक्तूबर तक प्री-नान इंटरलॉकिंग कार्य तथा 26 एवं 27 अक्तूबर को नॉन इंटरलॉकिंग कार्य होना है। इससे जो ट्रेनें चल रही है उन पर दबाव बढ़ गया है। आलम यह है कि पहले जिन ट्रेनों में भीड़ कम दिख रही थी, उनमें ज्यादा दिखने लगी है। बृहस्पतिवार को दोपहर 2:30 बजे दरभंगा से नई दिल्ली जाने वाली बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर दो पर आई। ट्रेन पूरी तरह पैक दिखी। जो यात्री इसका इंतजार कर रहे थे, उन्हें चढ़ने में मुश्किलें पेश आईं। इसी प्लेटफार्म पर 4:05 बजे सहरसा से नई दिल्ली जाने वाली वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस आई।
इसके पहले चार जनरल बोगी में चढ़ पाने में बोगी के दरवाजे पर ही बैठे यात्रियों से अन्य लोगों को मिन्नतें करनी पड़ी। एक मां-बेटी जिन्हें दिल्ली जाना था, चढ़ने के लिए कुली का भी सहारा ली, लेकिन भीड़ के आगे कुली भी उन्हें बोगी में सवार नहीं करा पाया।