कार्तिकेय के पिता महेश मल्ल ने बताया कि 2017 में जब वह छूट कर आया तो केस में सुलह करने के लिए दबाव बना रहा था। काफी प्रयास के बाद जब हमने उसकी बात नहीं मानी तो जान से मारने की धमकी दिया। इस मामले में मुकेश के खिलाफ कोतवाली केस भी दर्ज हुआ था। उन्होंने बताया कि पुलिस के बयान और अन्य कानूनी प्रक्रिया में देरी होने के कारण उसे लाभ भी मिला है।
जुलाई 2012 में डीएनए टेस्ट के लिए रक्त का नमूना लिया गया था, लेकिन पुलिस ने अगस्त माह में इसे जांच के लिए लखनऊ भेजा था। इसके कारण मैंने पता लगाया तो मालूम हुआ कि ब्लड खराब होने के कारण जांच प्रभावित हो गई। जो विवेचक चार्जशीट दाखिल किए हैं उनकी मौत हो चुकी है। उनके हमराही को बार-बार कोर्ट ने समन भेजा, लेकिन वह नहीं आए। जब हमने तहरीर दी थी उस समय मुकेश की बहन का भी नाम बताया था, लेकिन पुलिस ने आरोपी की बहन का नाम हटा दिया और सिम बेचने वाले दुकानदार को नामजद कर दिया था, क्योंकि उसी से फिरौती मांगी गई थी।
कार्तिकेय मल्ल का अपहरण कर हत्या करने के आरोपी मुकेश सिंह के रविवार की देर रात अपहरण की झूठी कहानी में शामिल चार लोगों में दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दूसरी तरफ कोर्ट में 19 अगस्त को मुकेश की तारीख है। इससे पहले उसे गिरफ्तार करने का लक्ष्य एसपी ने पुलिस की चार टीम को दिया है।
बरियारपुर थाना क्षेत्र के राउतपार गांव निवासी मुकेश सिंह का रविवार की रात में करीब दस बजे देवरिया मीर के पास से अपहरण हो गया था। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच-पड़ताल में जब पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे का फुटेज खंगाला तो पता चला कि इसने खुद ही अपहृत होने की झूठी कहानी रची है। इसमें सहयोग करने वाले बरहज थाना क्षेत्र के अमांव निवासी अखंड यादव और मईल थाना क्षेत्र के तेलिया कला निवासी रामसिंगार को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मुकेश अपने मौसेरे भाई कार्तिकेय के अपहरण कर हत्या करने का आरोपी है। उसे आशंका है कि न्यायालय से उसे सजा हो सकती है। इसके कारण उसने यह साजिश रची है। 19 अगस्त को उसका सफाई बयान न्यायालय में होना है। इस घटना में दो अन्य लोग भी शामिल हैं।
सीओ श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि मुकेश ने झूठी अपहरण की कहानी रची है। इसमें शामिल आरोपियों के खिलाफ जालसाजी, साजिश रचने सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। मुकेश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीम लगी हुई हैं। प्रयास है कि 19 अगस्त से पहले उसे गिरफ्तार कर लिया जाए, जो दो अन्य भी घटना में शामिल हैं उनकी भी पहचान कर ली गई है।