देवरिया। निर्माण के बाद पहली बरसात में ही तरकुलवा मंडी मोड़ से मुख्य सड़क तक बना नाला जगह-जगह ध्वस्त हो गया। स्थानीय लोगों ने नाला निर्माण में सरकारी धन का बंदरबांट करने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। अमर उजाला ने खबर प्रकाशित कर पहले ही नाले की गुणवत्ता पर प्रश्न उठाए थे।
तरकुलवा नगर पंचायत की ओर से जलनिकासी के लिए स्थानीय कस्बा अंतर्गत गल्ला मंडी से मुख्य सड़क तक करीब एक माह पूर्व 200 मीटर लंबे नाले का निर्माण शुरू कराया गया। निर्माण के समय ही पूर्व ग्राम प्रधान शिवशंकर यादव समेत स्थानीय लोगों ने इसमें दोयम दर्जे की ईंट और सीमेंट और बालू के अनुपात में अनियमितता का आरोप लगाया था। इससे संबंधित खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित भी किया था। इसके बावजूद नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी व अवर अभियंता ने गंभीरता से नहीं लिया।
लोगों के विरोध के बावजूद नाले का निर्माण बेरोकटोक चलता रहा। शनिवार को हुई बारिश ने नाला निर्माण में बरती गईं अनियमितता की पोल खोल कर रख दी। पहली बारिश का थपेड़ा भी यह नाला बर्दाश्त नहीं कर सका और जगह-जगह इसकी दीवार टूटकर ध्वस्त हो गई। इसको लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अधिशासी अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि नाला ध्वस्त होने की सूचना मिली है, जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।