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Deoria News: एक साथ जलीं तीन चिताएं और तीन को दफनाया तो रो पड़ा गांव

Sun, 09 Apr 2023 11:30 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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एक साथ जलीं तीन चिताएं और तीन को दफनाया तो रो पड़ा गांव
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बलरामपुर में कार हादसे में हुई थी एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। श्रीरामपुर थाना क्षेत्र के बंकुल गांव के झरही नदी के तट पर एक ही परिवार के तीन लोगों की चिताएं सजीं और तीन शव को दफनाया गया। रोते-बिलखते कांपते पिता के हाथों ने मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। अंतिम संस्कार में आसपास के कई गांवों के लोग भी शामिल हुए।
शुक्रवार की रात बंकुुल गांव निवासी सोनू शाह 32 वर्ष, पत्नी सुजावती देवी 29 वर्ष, बेटा दिव्यांशु 4 वर्ष, बेटी रुचिका 7 वर्ष, बहन खुशी 15 वर्ष, भाई रवि शाह 18 वर्ष कार से उत्तराखंड के लालकुआं से आ रहे थे। रात में करीब श्रीदतगंज थाना क्षेत्र के गालिबपुर के पास कार किसी वाहन से टकरा गई, जिससे कार में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई। शनिवार की आधी रात के बाद जब झरही नदी के तट पर सभी की चिता अगल-बगल सजीं। पिता पारस शाह ने जब तीन चिताओं को बारी-बारी से मुखाग्नि दी तो मौजूद लोग रो पड़े, वहीं रुचिका, दिव्यांशु, खुशी के शव को नदी के किनारे ही दफनाया गया। रविवार सुबह गांव में सन्नाटा पसरा रहा। आने-जाने वाले लोगों का तांता लगा रहा। वहीं सलेमपुर के सांसद रविंद्र कुशवाहा, भाटपाररानी एसडीएम संजीव उपाध्याय, सीओ विनय यादव ने परिवार को ढांढस बंधाया।
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उनकी भी आंखें नम थीं जिनका नहीं था कोई रिश्ता
- रात होने के बावजूद जब एक साथ चार चिताएं जलीं तो आसपास के गांवों के सैकड़ों लोगों की आंखें भी नम हो गईं। वे भी रो पड़े, जिनसे मरने वालों का न कोई रिश्ता, न कोई ताल्लुक था। आधी रात के बाद जब चिताएं जल रही थीं तो वहां मौजूद लोग उस समय को कोस रहे थे, जब पूरा परिवार एक साथ कार से अपने गांव के लिए निकला था। सबकी जुबान पर यही चर्चा थी कि परिवार अगर एक साथ कार से न आता तो इतना बड़ा हादसा न होता।

शव लेकर एंबुलेंस के पहुंचते ही मची चीत्कार
बंकुल गांव में पारस शाह के दरवाजे पर शव लेकर एंबुलेंस के पहुंचते ही चीत्कार मच गई। बारी-बारी से छह शवों को उतारा गया। उसके बाद घर की महिलाओं को अंतिम दर्शन के लिए बुलाया गया। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। यहां प्रशासन और ग्रामीणों के सहयोग अंतिम संस्कार की तैयारी की गई थी। इसके बाद बिहार सीमा के पास झरही नदी किनारे एक साथ सोनू, रवि व सुजावती की चिताओं को मुखग्नि दी गई। जबकि खुशी, रुचिका व दिव्यांशु के शव को गांव वालों की मदद से दफनाया गया।
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सुबह से ही लगा रहा जनप्रतिनिधियों का तांता
खामपार/बनकटा।रविवार सुबह पारस शाह के घर जनप्रतिनिधियों के आने जाने का सिलसिला जारी रहा। सुबह सात बजेक्षेत्रीय विधायक सभाकुंवर कुशवाहा व बनकटा ब्लाक प्रमुख बिंदा सिंह कुशवाहा घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। विधायक ने परिजनों को आर्थिक सहायता दी। इसके बाद भाजपा नेता अश्वनी सिंह लाव लश्कर के साथ बंकुल गांव पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाए। सलेमपुर सांसद रविंद्र कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष पंडित गिरीश चंद्र तिवारी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष जयनाथ कुशवाहा उर्फ गुड्डन, नायब तहसीलदार चंद्रशेखर वर्मा पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने मृतकों परिजन को ढांढस बंधाया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने आर्थिक सहायता पारस शाह को प्रदान की।
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