देवरिया। अंतर जनपदीय स्थानांतरण के बाद जिले में आए शिक्षकों को बुधवार को काउंसिलिंग के जरिए विद्यालयों का आवंटन किया गया। इसे लेकर बीएसस कार्यालय में काफी गहमागहमी का माहौल रहा। जिन्हें नजदीक विद्यालय मिला उनके चेहरे खिले रहे तो जिन्हें मनमाफिक नहीं मिला, वह मन मसोस कर रह गए।
बुधवार की सुबह से ही जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय का माहौल विद्यालयों के आवंटन प्रक्रिया के चलते गहमा गहमी से भरा रहा। अन्य जनपदों से स्थानांतरण के बाद आए पुरुष व महिला शिक्षक जनपद में मनपंसद विद्यालय की चाह रखे हुए थे, हालांकि शासन स्तर से ही ऑनलाइन प्रक्रिया के चलते विद्यालयों का निर्धारण पहले ही कर लिए जाने से सिफारिश एवं चहेतों को मनमाफिक विद्यालय दिए जाने की कुछ लोगों की मंशा धरी की धरी रह गई। काउंसिलिंग प्रक्रिया में डायट प्राचार्य अनिल सिंह, चेरो केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य, जीजीआईसी की प्रधानाचार्य विमला राय, जीआईसी के सुरेंद्र प्रसाद भी शामिल रहे। बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि कुल 61 शिक्षकों में विद्यालय का आवंटन किया गया। अंतर जनपदीय स्थानांतरण के बाद जिले में कुल 67 शिक्षक आए थे। छह लोग काउंसिलिंग के जरिए पहले ही प्रधानाध्यापक पद पर चले गए थे। शेष 61 लोगों में बुधवार को काउंसिलिंग के जरिए विद्यालयों का आवंटन किया गया। यह शिक्षक पिछले दो माह से बीएसए कार्यालय में ही आकर हाजिरी बना रहे थे। बृहस्पतिवार से यह अब अपने विद्यालय पर उपस्थिति देंगे। इन्हें कार्यभार ग्रहण करने का प्रमाण पत्र भी प्रदान कर दिया गया है।