-कुंड महाल, धनया और कपरवार संगम तट के पास गोरखपुर जिले में कटान कर रही नदी, अबरकरार है सांसत
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू का जलस्तर खतरे के निशान 66.50 से काफी नीचे चला गया है, लेकिन टापू बना भदिला प्रथम, परसियां-विशुनपुर देवार और गोरखपुर जनपद के कोलखास नई बस्ती के लोगों की दुश्वारियां ज्यों की त्यों बनी हैं। जलस्तर में कमी आने के बाद से नदी कुंड महाल, धनया और कपरवार संगम तट के पास गोरखपुर जिले में बेतहाशा कटान कर रही है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।
15 दिनों से नदी के जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि हुई थी। नदी खतरे के निशान से 85 सेमी पर 67.35 मीटर पर पहुंच गई थी, जिससे नदी का पानी परसियां-विशुनपुर देवार के एक दर्जन मजरों तक पहुंच गया था, जबकि भदिला प्रथम गांव नदी के पानी से घिरा हुआ है। जलस्तर में कमी आने के बाद से नदी में कटान तेज हो गई है। भदिला प्रथम गांव के विनय यादव, रामदुलारे यादव, श्रीराम यादव, रामज्ञा साहनी, जंगबहादुर आदि का कहना है कि नदी में हो रही कटान को लेकर समय से पहले प्रशासन नहीं चेता तो स्थिति भयावह हो सकती है।
पिछले वर्ष कटान हो रही जगह पर नदी ने करीब 10 मीटर कटान की थी। लोगों का यह भी कहना है कि बाढ़ का पानी पीछे हटने के बाद से जलभराव वाले क्षेत्र से उठ रही सड़ांध से जीवन मुहाल हो गया है। वहीं संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। भदिला प्रथम गांव में दो नावों से लोगों की आवाजाही हो रही है।
कोट-
सरयू के जलस्तर में कमी आने से राप्ती नदी का पानी भी कम हो गया है। रही बात कटान की, तो उसे भी दिखवाया जाएगा।
-अशोक द्विवेदी, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग