खाता खुलवाने से लेकर ऋण लेने तक उपभोक्ताओं को देनी पड़ती है रिश्वत
देवरिया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों में दलालों और अफररों की गठजोड़ का बोलबाला है। उपभोक्ताओं का कहना है कि खाता खुलवाने से लेकर ऋण लेने तक उपभोक्ताओं को रिश्वतखोरी और दलाली का सामना करना पड़ता है। इसके बगैर दौड़ाया जाता है और काम भी नहीं होता।
बुधवार को सीबीआई की लखनऊ ब्रांच की ओर से बड़ौदा यूपी बैंक शाखा कंचनपुर में की गई छापेमारी में ब्रांच मैनेजर और दलाल रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए। इसके पूर्व साल 2019-20 में बड़ौदा यूपी बैंक की बंजरिया व महुआपाटन शाखा में तत्काल शाखा प्रबंधक बीडी मिश्रा की ओर से कई उपभोक्ताओं के नाम पर फर्जी तरीके लोन कराकर रुपये हड़पने का मामला उजागर हुआ था।
जिसके निस्तारण के लिए पीड़ित उपभोक्ता आज भी फोरम और दीवानी न्यायालय में मुकदमा लड़ रहे हैं। हालांकि इस मामले में आरोपी शाखा प्रबंधक टर्मिनेट हो चुके हैं।
जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बंजरिया के शिक्षक राम नगीना गुप्त बताते हैं कि वर्ष 2019 में बड़ौदा यूपी बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक उनको किसान इंटर कॉलेज नरायनपुर का शिक्षक दिखाकर उनके नाम पर पांच लाख रुपये का लोन करा लिया और पैसे निकाल लिए। जिसकी एक साल बाद जांच हुई। न्याय के लिए राम नगीना फोरम में मुकदमा लड़ रहे हैं।
बंजरिया गांव के राम ईश्वर ने बताया कि वह एक समिति चलाते हैं। वर्ष 2019 में उनकी समिति के नाम पर बड़ौदा यूपी बैंक शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने छह लाख रुपये का लोन करा लिया। इसमें न्याय के लिए वह दीवानी न्यायालय में केस लड़ रहे हैं। ग्राम सरैनी के रमाशंकर दुसाध, अमवा के दुर्गेश तिवारी, तुर्कपट्टी के प्रमोद सिंह सहित कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनके नाम पर फर्जी तरीके से कर्ज स्वीकृत करा कर रुपये हड़प लिया गया है। जिसके निस्तारण के लिए वे कोर्ट में केस लड़ रहे हैं।