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Deoria News: चूहों ने खोखला कर डाला बांध...जरा चुके तो गाड़ी समेत खाई में गिर जाएंगे

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बंधों की जर्जर हालत देख चिंतित है दोआबावासी, पुल से लेकर बंधे पर ठोकर मार रही गोर्रा नदी
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फोटो समाचार।
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/एकौना। गोर्रा नदी के तट पर स्थित पचलड़ी बेलवा बांध को चूहों ने खोखला कर दिया है। इस बांध से गुजरते समय थोड़ी सी चूक हुई तो गाड़ी समेत करीब बीस फीट खाई में गिर सकते हैं। वहीं कछार और दोआबा को मुसीबत से बचाने के लिए अभी सिंचाई विभाग बाढ़ आने का इंतजार कर रहा है। चूहा बिल से जर्जर बना पचलड़ी बेलवा बांध दोआबावासियों के लिए चिंता का विषय बना है। बंधे पर जगह-जगह गड्ढे देखकर बरसात आने पर लोगों को बाढ़ की विभीषिका का भय बना है। गोर्रा नदी बंधे से लेकर पुल के संपर्क मार्ग पर ठोकर मार रही है। गोर्रा नदी के तट पर बना पचलड़ी बेलवा बांध पर तीन जगह कटान हो रहा है। नदी रतनपुर गांव के सामने यू टर्न लेकर कटान कर रही है। बंधे पर कई जगह चूहा बिल बना है। मानसून आने के पहले हर साल सिंचाई विभाग चूहा बिल और साही के मांद को भर देता था, लेकिन इस बार अब तक बंधों पर चूहा बिल पाटने का काम शुरू नहीं हुआ। पिड़रा पुल के एप्रोच पर गोर्रा नदी नीचे से कटान कर रही है। अब एप्रोच धंसा तो रुद्रपुर करहकोल मार्ग पर आवागमन ठप होना तय है।
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बंधा कटा तो डूबेंगे 52 गांव
पचलड़ी बेलवा बांध को गोर्रा नदी ने काटा तो दोआबा के 52 गांव का डूबना तय माना जा रहा है। वर्ष 1998, 2001 और 2017 में पचलड़ी बेलवा बांध रतनपुर गांव के पास कटने से पूरे दोआबा में गोर्रा नदी का पानी फैल गया था। पचलड़ी चौराहे के समीप इस बांध पर बाढ़ से बेहाल लोगों ने दो माह तक डेरा डाल रखा था। अब इस बार चूहों ने बांध को छलनी कर दिया है।
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बोले ग्रामीण
तिघरा खैरवा के बबलू सिंह ने कहा कि गोर्रा नदी के तट पर पचलड़ी बेलवा और पिड़रा करनपुर बांध काफी संवदेनशील है। बंधे से गुजरते समय हादसे का भय बना रहता है। पचलड़ी बेलवा को चूहे पूरी तरह से छलनी कर चुके है। बंधे पर अब तक मरम्मतीकरण का कार्य शुरू नहीं हुआ। पिछली बार बाढ़ आने पर दोआबा के लोग बंधे पर ही शरण लिए थे, इस बार बंधा कटा, तो लोगों को ठौर भी नहीं मिलेगा।
रतनपुर गांव के संतोष सिंह ने कहा कि मानसून आने के पहले बंधे पर मिट्टी नहीं फेंकी जा रही, बरसात आने पर सिंचाई विभाग मिट्टी नहीं मिलने का रोना रोते है। एक सप्ताह बाद मानसून आने की चरचा है। गोर्रा नदी के तट पर स्थित पचलड़ी बेलवा बांध छलनी हो चुका है। उन्होंने बंधे के मरम्मत की मांग की।
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वर्जन बंधों पर बने चूहा बिल और साही की मांद को पाटने के लिए जेई को निर्देश दिया गया है। मानसून आने के पहले बंधों के मरम्मतीकरण का कार्य पूर्ण करा दिया जाएगा। बरसात में सभी बंधे सुरक्षित हो जाएंगे। -ई. नरेन्द्र जाड़िया, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड
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