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Deoria News: बारिश से सुस्त हुई विकास की रफ्तार, बस समय काट रहे ठेकेदार

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करीब 16 अरब लागत की चार सौ से अधिक परियोजनाओं पर चल रहा काम
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- रिनिवल के लिए स्वीकृत सड़कों पर शुरू नहीं हो पा रहे काम
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में करीब 16 अरब लागत की चार सौ से अधिक परियोजनाओं की रफ्तार बारिश के कारण सुस्त हो गई है। भवन से लेकर सड़क तक के निर्माण में ठेकेदार बस समय काट रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी भवन का छत लगवाने में आ रही है। ठेकेदारों को डर है कि आसमान में मंडरा रहे बादल बरस गए तो भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। रिनिवल का काम ले चुके ठेकेदार भी मौसम सुधरने का इंतजार कर रहे हैं।
शुक्रवार को कसया रोड स्थित पशु चिकित्सालय में 5.87 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे माॅर्डन वेटनरी पाॅलिक्लिनिक के निर्माण में महज पांच से सात मजदूर काम करते दिखाई दिए। वहां जेई की मौजूदगी नहीं थी। एक मजदूर ने बताया कि बार-बार बारिश होने के कारण निर्माण कार्य पर असर पड़ रहा है। मटेरियल खराब हो जा रहा है। इसीलिए सीमित राज मिस्त्री व मजदूर काम पर लगे हैं। इसी प्रकार शहर को जलनिकासी से निजात दिलाने के लिए स्वीकृत आरसीसी स्टार्म वाटर ड्रेनेज परियोजना व अमेठी मंदिर स्थल के सौंदर्यीकरण व पर्यटन विकास का कार्य ठप पड़ा है।
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कछुए की चाल चल रही नौ सौ करोड़ की परियोजनाएं
सड़क को छोड़कर जिले में 50 लाख या इससे अधिक लागत की 95 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसमें स्वास्थ्य केंद्र, सेतु निर्माण, बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य, छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास, आईटीआई भवन, नगर पंचायत कार्यालय निर्माण, पर्यटन विकास, थानों पर बैरक, अग्निशमन केंद्र, गोशाला, नाला निर्माण आदि 95 बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। बरसात आने के कारण कार्य में सुस्ती आ गई है।

30 से अधिक परियोजनाएं चल रहीं लेट
सड़क को छोड़कर जिले में 30 से अधिक बड़ी परियोजनाएं पहले से ही लेट चल रही हैं। इनमें भाटपाररानी ब्लाॅक स्थित भवनी छापर में बन रहा राजकीय आईटीआई भवन, स्वास्थ्य केंद्र धमउर, राजकीय आईटीआई कार्यशाला, थ्योरी कक्ष का निर्माण, कटियारी स्थित प्राचीन शिव व काली स्थल के पर्यटन विकास का काम, सात कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्रावास का निर्माण, महुआडीह व बरियारपुर थाना में आवासीय भवन का निर्माण व कई बाढ़ परियोजनाएं शामिल हैं।
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मनरेगा के काम भी पड़े सुस्त
मनरेगा योजना से जिले में 162 अमृत सरोवर, 64 खेल मैदान व 32 पार्क बनाए जा रहे हैं। इसमें सौ से अधिक परियोजनाएं एक साल पुरानी हैं। इन्हें तीन माह में ही पूरा होना था। बारिश शुरू होने के बाद से इनके निर्माण की रफ्तार और सुस्त हो गई है।
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ढाई सौ से अधिक सड़कों के निर्माण की रफ्तार पर ब्रेक
जिले में छोटी-बड़ी मिलाकर करीब ढाई से तीन सौ सड़कों का निर्माण चल रहा है। बारिश होने के कारण ठेकेदार कार्य में सुस्ती बरत रहे हैं। कइयों ने कार्य आवंटित होने के बाद शुरू ही नहीं कराया है। कुछ ठेकेदार बरसात बाद डामर बिछाने की तैयारी मैं हैं। उन्हें डर है कि डामर बिछाने के दौरान बारिश होने पर सड़क खराब हो जाएगी और उनका भुगतान फंस जाएगा।
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एक नजर विकास परियोजनाओं पर
- 400 से अधिक परियोजनाओं पर जिले में चल रहा काम
- 50 लाख से ऊपर की हैं 95 परियोजनाएं (सड़क शामिल नहीं)
- 250 से अधिक सड़क निर्माण के काम बारिश से हो रहे प्रभावित

बरसात के दिनों में निर्माण संबंधी कार्य प्रभावित होते हैं। कार्यदायी संस्थाओं को वैकल्पिक इंतजाम रखते हुए काम कराने के निर्देश दिए गए हैं। बरसात बाद निर्माण कार्यों में तेजी आएगी। - रवींद्र कुमार, सीडीओ।
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