जिला योजना समिति की बैठक में सांसद, विधायकों ने पूछे सवाल तो अफसर झांकने लगे बगले
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले का प्रभारी मंत्री न होने के कारण करीब डेढ़ साल से बैठक की राह देख रही जिला योजना समिति की बैठक शनिवार को विकास भवन के सभागार में परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने ली। उन्होंने विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 45 विभागों के 505 करोड़ 15 लाख के खर्च होने वाले बजट पर अंतिम मुहर लगाई। दूसरी तरफ जनप्रतिनिधियों ने बैठक में कुछ अफसरों की कार्यशैली को लेकर सवाल भी खड़े किए। सदर सांसद ने तो यहां तक कहा दिया कि मध्याह्न भोजन के तहत बांटे जाने वाले फल और दूध का हिसाब दिया जाए। रामपुर कारखाना विधायक ने मुख्यमंत्री सामूहिक योजना में अपात्रों के चयन को लेकर सवाल पूछा।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों ने जो भी सुझाव दिए हैं, उसका भी प्राथमिकता से पालन किया जाए। अधिकारी उनसे संवाद बनाएं रखेंगे। सभी को टीम भावना से काम करना होगा। हम सभी को जनपद को विकास की दिशा में अग्रणी रखने में भूमिका निभानी होगी। उन्होंने मध्यान्ह्न भोजन के संबंध में बैठक के दौरान आई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिलावटी खाद्य पदार्थों की संघन चेकिंग की जाए। ऐसे संलिप्तों के विरुद्ध एनएसए के तहत कार्रवाई करें। विधायक दीपक मिश्रा ने खाद्य औषधि विभाग की शिथिलता पर नाराजगी जताते हुए कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया। सदर सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी ने मध्यान्ह्न भोजन के तहत एक करोड़ 45 लाख रुपये के फल, दूध का वितरण बच्चों में किए जाने की जानकारी बीएसए से उपलब्ध कराने को कहा। सलेमपुर सांसद रविंदर कुशवाहा ने भी जन सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को रखा।
रुद्रपुर विधायक जयप्रकाश निषाद ने जनपद में दुग्ध समितियों को और क्रियाशील किए जाने तथा अधिक से अधिक दुग्ध संकलित किए जाने की बात रखी। रामपुर कारखाना विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने एनआरएलएम में अनियमितता तथा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की पात्रता में अनियमितता पर सवाल किए। जिस पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने इन सभी मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई के साथ जांच के लिए आश्वस्त किया। भाटपाररानी विधायक सभाकुंवर ने क्षेत्रीय जन समस्याओं को रखा। मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार एवं अर्थ संख्या अधिकारी मनोज श्रीवास्तव ने विभागवार परिव्यय व एजेंडा बिंदुओं को समिति के सामने रखा तथा अब तक की जिला योजना की प्रगतियों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष पं.गिरीश चंद तिवारी, एमएलसी डॉ. रतन पाल सिंह, एसपी संकल्प शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष अंतर्यामी सिंह, बांसगांव सांसद प्रतिनिधि संजय सिंह, एमएलसी प्रतिनिधि अवधेश सिंह, राजू मणि, सदर विधायक प्रतिनिधि नवीन, सीएमओ डॉ. राजेश झा, डीएफओ जगदीश आर और अंबिकेश पांडेय आदि मौजूद रहे।
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खबर छपी तो अफसरों ने दिखाई तेजी
देवरिया। करीब डेढ़ साल से जिला योजना की बैठक न होने के मुद्दे को अमर उजाला ने फरवरी माह के 12 और 13 के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें बताया गया था कि प्रभारी मंत्री बार-बार बदलने के कारण जिला योजना समिति की बैठक नहीं हो पा रही है। जिसके चलते विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। खबर प्रकाशित होने पर जिला योजना समिति की बैठक कराने के लिए अफसर जुट गए। इसके बाद वित्तीय वर्ष बीतने के ऐन मौके पर शनिवार को जिला योजना समिति की बैठक कराकर बजट पर अंतिम मुहर लगा दी गई।
ओडीओपी योजना के तहत किया टूलकिट का वितरण
देवरिया। प्रभारी मंत्री ने ओडीओपी योजना के तहत 14 लाभार्थियों को टूलकिट का वितरण किया, जिसमें नंदी चौरसिया, सुजाता देवी, सोमरी, सुदामी देवी, ममता प्रजापति, प्रियंका प्रजापति, शशिप्रभा पांडेय, प्रतिमा पत्नी, राधा देवी, काजल जायसवाल, कलमा खातून, ज्ञांती, नीतू देवी, उषा शामिल रहीं।
जनता के हित में चौमुखी विकास का कार्य कर रही सरकार : प्रभारी मंत्री
देवरिया। प्रदेश सरकार के द्वितीय कार्यकाल के एक वर्ष पूर्ण होने पर शनिवार को विकास भवन के गांधी सभागार में सूचना विभाग की ओर से विधान सभावार प्रकाशित विकास पुस्तिका का विमोचन जनपद के प्रभारी व परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह व अतिथियों ने किया। इसके बाद प्रभारी मंत्री सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा है कि जनता के हित के लिए प्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्ध व कटिबद्ध रहते हुए चौमुखी व सर्वांग्रीण विकास का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों के उत्थान, विकास एवं उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अनेक योजनाओं को संचालित करते हुए उसे क्रियान्वित करने की कार्य सरकार की है।