अलाव का जायजा लेते सीआरओ रजनीश राय।संवाद
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शीतलहर व कड़ाके की ठंड से मंगलवार को भी जिलेवासी प्रभावित रहे। न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले दिनों में तापमान में और गिरावट होगी। विपरीत मौसम का असर परिवहन, स्वास्थ्य, बाजार सहित सार्वजनिक जगहों पर देखा गया।
लगातार दस दिनों से पड़ रही हाड़ कंपाती ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बस व रेलवे स्टेशनों पर आवाजाही कम दिख रही है। अलाव के इंतजाम तो हैं, लेकिन वह समुचित न होने से नाकाफी साबित हो रहा है। शहर में रैन बसेरों में रहने वाले भी कांप रहे हैं। यहां के इंतजाम का हाल लेने में जिम्मेदारों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। विपरीत मौसम से लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई है। लोग सुबह टहलने से परहेज कर रहे हैं। स्पोर्ट्स स्टेडियम में हर दिन प्रैक्टिस करने वालों की संख्या भी कम हो गई है।
शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण, हर जगह जाड़े से बचने के लिए लोग खुद ही अलाव की व्यवस्था करने में लगे हुए हैं। नौकरीपेशा को ऑफिस जाने में तकलीफ महसूस हो रही है। माध्यमिक स्कूलों में अवकाश न होने से विद्यार्थियों को विद्यालय जाने व आने में समय लग रहा है। उधर कोहरे के चलते कृषक, मौर्या, वैशाली, आम्रपाली, पाटलीपुत्र, पूर्वांचल, बाघ एक्सप्रेस सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनें दो से तीन घंटे देरी से अपने निर्धारित स्टेशनों पर पहुंचीं।
दिन भर रहा शाम जैसा मंजर, वाहनों की हेडलाइट जलाकर चले लोग
नगर क्षेत्र में मंगलवार की दोपहर में कुछ देर के लिए सूर्य बादलों की ओट से झांकता दिखा, लेकिन ठंड अपने पूरे चरम पर रही और दिन में ही शाम जैसा मंजर रहा। जिसके कारण सड़कों पर लोग गाड़ियों की हेडलाइट जलाकर चलते देखे गए। सड़कों और बाजार में चहल-पहल कम हो गई है।
हाड़ कंपा देने वाली ठंड से व्यवसाय प्रभावित होने के साथ-साथ दिहाड़ी मजदूरों को काम न मिलने से उनकी स्थिति दयनीय हो गई है। ठंड का असर बच्चे और बूढ़ों की सेहत पर ज्यादा ेेेदेखने को मिल रहा है। बरहज सीएचसी और महेन पीएचसी पर सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इसमें ज्यादातर बच्चे व बुजुर्ग हैं। पूरे दिन क्षेत्र कोहरे की चादर से ढंका होने के कारण दिन में भी रात जैसा माहौल रहा।
एसडीएम गजेंद्र सिंह के निर्देश पर ठंड से बचाव के लिए तहसीलदार अश्वनी कुमार ने सार्वजनिक जगहों पर अलाव का हाल जाना। कुछ एक जगहों पर लकड़ी का इंतजाम करा अलाव जलवाया। तहसीलदार ने बताया कि ठंड से बचाव के लिए अलाव का प्रबंध कराया जा रहा है।