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Deoria News: दस माह से हांफ रही शहर के विकास की महायोजना, मंजूरी की अब जगी आस

Wed, 18 Oct 2023 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। करीब दस माह विलंब हो चुकी महायोजना-2031 को लागू करने की अब आस जगी है। सभी आंकड़ों को अब पूरा कर लिया गया है। तालाब, ग्रामीण आबादी को इसमें शामिल किया गया है। इसे इसी सप्ताह मंजूरी के लिए शासन को भेजने की तैयारी है। महायोजना के लागू हो जाने से शहर के विकास को गति मिलेगी। यह योजना एजेंसी की लापरवाही के कारण अभी तक अटकी हुई थी।
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जिस महायोजना को दिसंबर 2022 में लागू हो जाना चाहिए था वह अभी तक अटकी हुई है। लापरवाही इस कदर रही कि 2021 मई में आई आपत्तियां नवंबर माह में निस्तारित हुईं थीं। इसके बाद मई 2023 में विनियमित क्षेत्र की बैठक में आपत्तियों के निस्तारण के बाद सहमति प्रदान की गई। पर इसमें भी खामियां पाई गईं। नगर विकास मंत्रालय को जब प्रस्ताव भेजा गया तो इसमें कमियों को दूर करने को कहा गया। इस महायोजना में तालाब कितने हैं, इसमें शामिल गांवों का आंकड़ा नहीं दिया गया था। इतना ही नहीं, जनसंख्या और घरों का भी आंकड़ा न होने के कारण इसे दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया था। अब इसे पूरा कर लिया गया है। विभाग के अनुसार महायोजना-2031 की सभी कागजी खामियों को ठीक कर दिया गया है। अब इसे इसी सप्ताह मंजूरी के लिए नगर विकास मंत्रालय को भेजा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद इस पर काम शुरू किया जाएगा।


महायोजना से यह होगा फायदा
देवरिया। महायोजना लागू हाेने पर शहर में नया बदलाव होगा। इसमें 32 सड़कों के किनारे बाजार बसाए जाएंगे और 34 सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा। इससे छोटे व्यापार करने वालों को भी फायदा होगा। इसके साथ ही बैतालपुर से रुद्रपुर जाने वाले मार्ग तक और बैतालपुर से कसया मार्ग तक दो बाईपास सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। नए पार्कों, आवासीय कॉलोनियां, व्यावसायिक भवन, औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए स्थान चिह्नित किया गया है। संवाद
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महायोजना लागू न होने से यह हो रही थी दिक्कत

देवरिया। महायोजना करीब दस माह से अटकी होने के कारण शहरवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जो लोग भूमि ले चुके थे उनका मानचित्र पास नहीं हो रहा था। इतना ही नहीं, औद्योगिक और नया ग्रीन लैंड चिह्नित होने के कारण यहां पर पहले से भूमि लिए लोगों के बीच असमंजस की स्थिति थी कि वे यहां पर अपनी भूमि का किस तरह से उपयोग कर सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ सड़कों का चौड़ीकरण भी नहीं हो पा रहा था। विनियमित क्षेत्र के 71 गांव और इलाकों के अनियोजित विकास होने से विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। नाबदान और सड़क को लेकर शिकायतें आ रही थीं। संवाद
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मई माह में बोर्ड की बैठक हुई थी। कुछ आंकड़े नहीं शामिल किए गए थे इसके कारण देर हुई है। अब सभी आंकड़े पूरे कर लिए गए हैं, जिसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा।
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- हितेश कुमार, टाउन प्लानर
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