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Deoria News: मंदिर में की थी शादी, पति बन रहा था बाधक, इसी नाते हत्या कर नदी में फेंक दिया शव

Sun, 17 Sep 2023 01:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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मईल। इशारू गांव के शंकर पांडेय की हत्या के मुख्य आरोपी संजय यादव टाटा को पुलिस ने शुक्रवार की शाम भागलपुर के पिंडी तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने हत्या का राज उगला है। बताया कि शंकर की पत्नी से दो साल पहले उसने मंदिर में शादी की थी। शंकर अब दोनों के बीच बाधक बन रहा था, इसके कारण उसने दोस्त के साथ मिलकर देवस्थल पर शंकर की चाकू से हत्या कर दी। कुछ देर तक झाड़ी में शव छिपाने के बाद बोरे में कस कर कार से ले जाकर सरयू नदी में फेंक दिया।
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हत्यारोपी संजय यादव उर्फ टाटा भागलपुर का रहने वाला है। घटना की शाम उसने फोन कर शंकर को घर से भागलपुर बुलाया, जहां खाना खिलाया और रात में मंगरु वीर बाबा स्थान के पास ले जाकर गांव के ही शिवम यादव के साथ चाकू से गोद कर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद वहीं झाड़ी में शव को छिपा दिया। शव को ठिकाने लगाने के लिए गांव के ही एक व्यक्ति से मां का इलाज कराने के बहाने उसकी कार मांग लाया। इसके बाद शंकर पांडेय के शव को बोरी में कस कर कार से आधी रात को ले जाकर पक्के पुल से सरयू नदी में फेंक दिया। जब शंकर पांडेय रात में घर वापस नहीं लौटे तो उनकी पत्नी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शिवानी पांडेय ने पुलिस को तहरीर देकर गुमशुदगी का केस दर्ज कराया। तहरीर मिलने के बाद पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए खोजबीन करने लगी।
पुलिस ने भागलपुर निवासी शिवम को उठाया तो उसने हत्या का सारा राज बताया। इसके बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर शिवम को जेल भेज दिया। जबकि मुख्य आरोपी संजय उर्फ टाटा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई टीम गठित कर उसके संभावित लोकेशन पर छापामारी शुरू कर दी। पुलिस प्रयागराज से लेकर कई शहरों में लगातार छापामारी करती रही। उसने पुलिस को बताया कि शंकर की पत्नी से ढाई सालों से उसके घर आने जाने से प्रेम हो गया था। इसमें शंकर पांडेय प्रेम में बाधक बन रहे थे। जिसके चलते उसने शिवम यादव के साथ मिलकर हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के लिए घटना में प्रयुक्त चाकू को भी शव के साथ नदी में फेंक दिया है। उसकी निशानदेही पर मृतक की साइकिल भागलपुर बाजार में एक दुकान से पुलिस ने बरामद की है।
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पुलिस के सामने उगले राज तो उड़ गए पुलिसवालों के भी होश
मुख्य आरोपी संजय यादव उर्फ टाटा ने शुक्रवार की रात में पूछताछ के दौरान कुछ देर तो पुलिस को घुमाने का प्रयास किया पर पुलिस हत्यारोपी के जेहन में छिपे राज को उगलवाने में कामयाब हो गई। पुलिस के अनुसार हत्यारोपी ने जो बात कबूल की है उससे साफ जाहिर होता है कि उसका प्रेम-प्रसंग काफी समय से चला आ रहा था। पुलिस के मुताबिक मिर्जापुर के एक मंदिर में दोनों ने शादी की थी। मोबाइल काल डिटेल में भी यह जानकारी मिली है कि हत्या के दिन भी उसकी बात हुई है। आरोपी के ह्वाट्सएप पर कई लड़कियों के फोटो भी पड़े थे, जब पुलिस ने इसके बारे में जानकारी ली तो पता चला कि परिवार के लोग संजय की शादी के लिए लड़की ढूंढ रहे थे। जो फोटो आता था उसे वह शंकर की पत्नी शिवानी पांडेय के पास भेजता था। जब पुलिस ने मंदिर में शादी आदि के बारे में प्रमाण मांगा तो उसने बताया कि कुछ दिन पहले उसे डिलीट कर दिया था। हालांकि, पुलिस आरोपी के बयान के बारे में अभी सत्यता पता कर रही है। पर इतना जरूर है कि पुलिस स्वीकार कर रही है कि शंकर पांडेय की हत्या प्रेम प्रसंग में की गई है।

मुख्य आरोपी गलत बोल रहा है। उससे मेरा कोई संबंध नहीं है। उसने मेरे पति की हत्या की है। पुलिस पर मुझे भरोसा है कि जांच के दौरान मुझे न्याय मिलेगा। शिवानी पांडेय, शंकर की पत्नी

हत्यारोपी संजय से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि प्रेम-प्रसंग के चक्कर में ही उसने साथी के साथ मिलाकर शंकर की हत्या की है। मामले का खुलासा कर दिया गया है।
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- अंशुमन श्रीवास्तव, सीओ
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