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निकाय चुनाव: शहरी होने का मान पर मतदान में सबसे पीछे नाम

Sat, 06 May 2023 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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आंकड़े बता रहे अधिक पढ़ने-लिखने वालों ने मतदान में नहीं दिखाई रुचि
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अमित श्रीवास्तव
देवरिया। जनपद की 17 नगर निकायों का मतदान का प्रतिशत सामने आ चुका है। इसमें दिलचस्प यह है कि जिन्हें शहरी होने का मान था, उनका नाम मतदान करने वालों की सूची में सबसे पीछे रह गया। हम बात कर रहे हैं देवरिया नगर पालिका की। कहने को तो देवरिया शहर जनपद के अन्य कस्बों-नगरों की साक्षरता, आद्योगिक आस्थान आदि की तुलना में आगे है, लेकिन मतदान का जो आंकड़ा सामने आया है, उससे तो साफ जाहिर होता है कि इस बार के चुनाव में अधिक पढ़ने-लिखने वालों ने मतदान करने में रुचि नहीं दिखाई है। पूरे जनपद में कुल 60.89 प्रतिशत मतदान हुआ है। इसमें सबसे कम देवरिया नगर पालिका के लिए वोट पड़े। यहां महज 47 प्रतिशत पोलिंग हुई है। यहां 86,903 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान करने में सुबह से जो पिछड़े तो पिछड़ने का यह सिलसिला अंत तक यानी शाम छह बजे तक भी नहीं टूट सका।
देवरिया नगर पालिका में जनपद की अन्य नगर निकायों की अपेक्षा सर्वाधिक 186,229 मतदाता हैं। इसमें पुरुष 100,382 और महिला मतदाता 85,847 हैं। यहां वार्डों की संख्या 33 है। यहां मतदाताओं की सहूलियत के लिए सर्वाधिक 60 मतदान केंद्र तो 189 मतदान स्थल बनाए गए थे। शहर के कई मतदान केंद्र सुबह से लेकर दोपहर तक खाली रहे। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कम भीड़ नजर आई। इस बार नगर पालिका में आठ नए वार्डों को जोड़ा गया था। और उम्मीद जताई जा रही थी कि इस बार पिछली बार से अधिक मतदान होगा। लेकिन सुबह से ही बूथों पर दिखी सुस्ती शाम तक बनी रही और छह बजे तक महज 47 प्रतिशत वोट ही पोल हो पाए। यहां 46412 पुरुष, जबकि 40491 महिला मतदाताओं ने शहर की सरकार चुनने के लिए वोट किया है।
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पिछले निकाय चुनाव में हुआ था 62.24 प्रतिशत मतदान
नगर पालिका देवरिया के मतदाताओं ने वर्ष 2017 में हुए निकाय चुनावों में इस बार से बढि़या प्रर्दशन किया था। तब मतदाताओं ने 62.24 प्रतिशत मतदान किया था। लेकिन इस बार यह आंकड़ा 50 के पार भी नहीं जा सका। ऐसे में कम मतदान होने पर मतदाता जागरूकता अभियान महज कागजों में ही सिमटते नजर आ रहा है। कम मतदान होने का क्या कारण रहा, प्रशासन के पास भी इसका कोई ठोस जवाब नहीं है। मई में आमतौर पर भीषण गर्मी पड़ती है। बृहस्पतिवार के दिन मतदाताओं को मौसम का भी साथ मिला, लेकिन फिर भी मतदाताओं का मतदान प्रतिशत निराशाजनक रहा।
देवरिया नगर पालिका में कुछ यूं बढ़ मतदान प्रतिशत
सुबह नौ बजे -8.6 प्रतिशत सुबह 11 बजे - 19.75 प्रतिशत, दोपहर एक बजे- 28 प्रतिशत, दोपहर तीन बजे 38.62 प्रतिशत
शाम पांच बजे 46.25 प्रतिशत, शाम छह बजे- 47 प्रतिशत

गौरीबाजार नंबर वन
नगर निकाय चुनावों में इस बार गौरी बाजार नगर पंचायत के मतदाताओं ने वोट देने के मामले में बाजी मारी है। इस बार वहां नगर निकायों में सर्वाधिक 69.02 प्रतिशत मतदान हुआ है। गौर करने वाली बात है कि वर्ष 2017 के चुनाव में भी गौरीबाजार ने शानदार प्रदर्शन किया था। पिछली बार वहां के मतदाताओं ने सर्वाधिक 71.19 प्रतिशत मतदान किया था। हालांकि पिछली बार की तुलना में इस बार वहां वोट कम पड़े, फिर भी वहां के मतदाताओं ने अपने नगर निकाय को मतदान प्रतिशत के मामले में सबसे आगे रखा है।
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पिछली बार पड़े थे 57,139
कुल पड़े 57,139 मतों में 1938 मत अवैध पाए गए। 136 मतदाताओं ने सभी प्रत्याशियों को नकारते हुए नोटा का प्रयोग किया। शेष मतों में से अलका सिंह को 23206 मत मिले, जबकि रामायण राव को 13758 मत प्राप्त हुए। सपा प्रत्याशी अशोक मद्धेशिया 11114 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे। बसपा के मुमताज अली को 1676 व कांग्रेस के ऋषिकेश मिश्र को 1548 मतों से ही संतोष करना पड़ा। बसपा, कांग्रेस, पीस पार्टी, आम आदमी पार्टी समेत दस प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा सके।
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