तरकुलवा थाना क्षेत्र के वृंदावन गांव के मृतक साहिल के रोते बिलखते परिजन।
तरकुलवा। सड़क हादसे में हुई दो जिगरी दोस्तों की मौत के बाद शनिवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद जब उनका शव गांव पहुंचा तो घर वालों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। परिवार वालों की सिसकियों ने गांव के लोगों की आंखें नम कर दी। हर कोई नम आंखों से उनको विदा किया। गांव के पास छोटी गंडक नदी के तट पर एक की चिता जली तो दूसरे को जनाजे की नमाज के बाद कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
थाना क्षेत्र के वृंदावन गांव के रहने वाले दिलीप अपने पट्टीदारी की अस्पताल में भर्ती चाची को भोजन देने के लिए साहिल के साथ मेडिकल कॉलेज गोरखपुर जा रहे थे। वह गौरी बाजार थाना क्षेत्र के सिरजम के पास पहुंचे थे कि एक अनियंत्रित पिकअप ने उनको टक्कर मार दी, जिससे घटनास्थल पर ही दोनों की मौत हो गई। इसकी सूचना जब देर रात में गांव पहुंची तो दिलीप की पत्नी दुर्गावती और साहिल की मां जरीना की चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। दो नौजवानों की मौत से गांव में शनिवार को चूल्हे तक नहीं जले। हर कोई नियति को कोस रहा था कि भगवान को इतना अनर्थ नहीं करना चाहिए। दिलीप अपने परिवार का एकमात्र सहारा था, उसके दो बच्चे थे और गांव के ही बगल में एक टेंट वाले के वहां काम करके अपने परिवार का खर्च चलाता था। वहीं, साहिल सत्यप्रकाश विवेकानंद इंटर कॉलेज मुसहरी में कक्षा 12 का छात्र था। वह पढ़कर घर-परिवार के लिए कुछ करना चाहता था, लेकिन नियति के आगे वह हार गया।