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Deoria News: शासन ने किया प्रियंका खरवार को पदच्युत, अब नहीं कहलाएंगी प्रधान

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महुअवा खुर्द में फर्जी जाति प्रमाणपत्र पर बनी थीं ग्राम प्रधान
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बघौचघाट क्षेत्र के ग्रामसभा महुअवा खुर्द की ग्राम प्रधान प्रियंका का जाति प्रमाणपत्र फर्जी मानते हुए शासन ने उन्हें प्रधान पदच्युत कर दिया है। अब ग्रामसभा में त्रिस्तरीय कमेटी गठित की जाएगी।
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ग्राम प्रधान का चुनाव अप्रैल 2021 में हुआ था। जिसमे गांव का आरक्षण अनुसूचित जनजाति का था। कुशीनगर जनपद की प्रियंका कमकर की शादी महुअवा खुर्द गांव के संदीप कमकर से हुई है। 2021 में ग्रामसभा के चुनाव का आरक्षण जारी हुआ। जिसमें महुअवा खुर्द अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित हुआ। गांव की दो महिलाएं काजल देवी व प्रियंका चुनाव मैदान में खड़ी हुईं।जिसमे प्रियंका चुनाव जीत गईं और ग्राम प्रधान बनकर कार्य करने लगीं। उधर चुनाव हारने के बाद काजल के पति रामसनेही गौड़ ने जिलाधिकारी को 29 मई वर्ष 2021 में शपथ देकर शिकायत की थी कि प्रियंका जो जाति प्रमाणपत्र लगाकर ग्राम प्रधान बनी हैं, वह फर्जी है। वह कमकर जाति की हैं और खरवार का प्रमाणपत्र लगाई हैं। इसके बाद मामले में जांच शुरू हो गई। जिलाधिकारी की ओर से गठित कमेटी ने जांच में यह मामला सही पाया। इसके बाद चार जनवरी वर्ष 2023 को प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता रामसनेही की पत्नी काजल ने एसडीएम कोर्ट में वाद दायर किया कि जब प्रमाणपत्र फर्जी है तो वह प्रधान क्यों बनी हैं। इस मामले की सुनवाई के बाद एसडीएम सदर सौरभ सिंह ने 16 जून को फैसला सुनाया। इसके अनुसार सभी तथ्यों की जांच के बाद यह पाया गया है कि प्रियंका ने कूटरचित ढंग से फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाया था। अब यह प्रमाणपत्र निरस्त हो चुका है। अब वह प्रधान पद पर आसीन नहीं रहेंगी। 18 जून तक उन्हें ग्राम प्रधान चुने जाने का प्रमाणपत्र जमा करने का आदेश दिया गया है।
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