देवरिया। जिले की गर्भवतियाें को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए निजी सेंटर पर जाने की जरूरत नहीं है। उन्हें स्वास्थ्य विभाग की ओर से ई रुपी वाउचर उपलब्ध कराया जा रहा है। जिसकी सहायता से अल्ट्रासाउंड जांच करा रही हैं। नौ सितंबर को आयोजित पीएमएसए डे पर पूरे प्रदेश में ई वाउचर जनरेट कर गर्भवती को अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध करने में जिले को पहला स्थान मिला है। जबकि अप्रैल से एक सितंबर तक प्रदेश में ई वाउचर जनरेट करने में जिला लगातार दूसरे स्थान पर रहा।
सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड जांच जहां सरकारी प्रावधानों के तहत हो रहा है वहीं निजी सेंटरों पर इसके लिए हजार रुपये तक खर्च हो जाते हैं। इसी वजह से आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती जांच नहीं करा पाती हैं, जिससे मातृ शिशु स्वास्थ्य पर खतरे की आशंका होती है। इसे देखते हुए सरकार ने ई वाउचर योजना की शुरुआत की है। जिले में शहरी क्षेत्र सहित 15 अल्ट्रासाउंड केंद्रों को योजना में शामिल किया गया है। यह वाउचर इन्हीं सेंटरों पर वैध माने जाएंगे। सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि हर माह की एक, नौ , सोलह और 24 तारीख को प्रथम संदर्भन इकाई (एफआरयू) केंद्र पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस (पीएमएसए डे) का आयोजन कर गर्भवती को इस योजना लाभ दिया जाता है। अप्रैल 2023 से अब तक 6415 महिलाएं इस योजना का लाभ ले चुकी हैं। 1708 गर्भवती एचआरपी चिन्हित की गईं हैं, जिन्हें आयरन की गोलियों के साथ उचित खानपान की सलाह भी दी गई है। गर्भवती योजना के तहत प्राइवेट सेंटर पर अपनी अल्ट्रासाउंड जांच करा सकती हैं।
गर्भवतियों को मिलीं ये सुविधाएं
- जिला मातृत्व स्वास्थ्य परामर्शदाता विश्वनाथ मल्ल ने बताया कि पीएमएसए डे पर गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच जैसे हीमोग्लोबिन, शुगर, यूरिन जांच, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, सिफलिस, वजन, ब्लड प्रेशर और अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांचें की जाती हैं। सभी गर्भवती के गर्भ का द्वितीय एवं तृतीय त्रैमास में कम से कम एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की देख-रेख में स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। टिटनेस का टीका लगाने के साथ साथ आयरन व कैल्शियम सहित अन्य आवश्यक दवाएं भी दी जाती हैं। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान, प्रबंधन एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए गर्भवती को प्रेरित किया जाता है।